रायगढ़

तीन माह में 24 बाल विवाह रोके अक्षय तृतीया पर नहींं बना प्रकरण

रायगढ़ ने 3 माह के अंदर 24 बाल विवाह के प्रकरण सामने आए

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Apr 20, 2018
रायगढ़ ने 3 माह के अंदर 24 बाल विवाह के प्रकरण सामने आए
रायगढ़ ने 3 माह के अंदर 24 बाल विवाह के प्रकरण सामने आए

रायगढ़. रायगढ़ ने 3 माह के अंदर 24 बाल विवाह के प्रकरण सामने आए। समय पर सूचना मिली तो उक्त विवाह को रुकवाया गया। जिसका नतीजा यह हुआ कि बुधवार को अक्षय तृतीया पर जिले में कहींं से भी बाल विवाह की खबरें नहीं आई। जिसके लिए कलेक्टर के आदेश पर विभागीय टीम, मुख्यालय में बैठी की बैठी रह गई।


रामनवमी, शिवरात्रि व अक्षय तृतीया के अवसर पर कई शादियां होती है। शुभ महूर्त को लेकर शादियों की इस होड़ में बाल विवाह भी कराया जाता है। विभागीय आंकड़े भी इसकी पुष्टि करते हैं। जनवरी से मार्च 2018 यानी 3 माह के अंंदर जिले में बाल विवाह के 24 प्रकरण सामने आए। जिसमें टीम के सदस्यों ने तत्काल उक्त स्थान पहुंच कर उक्त शादी को रुकवाने की पहल की। यहीं वजह है कि अक्षय तृतीया पर होने वाली शादियों पर नजर रखने कलेक्टर शम्मी आबिदी ने एक पत्र जारी किया था।

जिसमें महिला बाल विकास विभाग, बाल सरंक्षण इकाई, पुलिस व चाइल्ड लाइन को टीम बनाकर कार्रवाई कर बाल विवाह रोकने की बात कही गई थी। महिला बाल विकास विभाग ने सभी सीडीओपी ,आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिका को बुधवार को अलर्ट रहने का आदेश जारी किया। जिसका नतीजा यह हुआ कि पूरे दिन टीम के सदस्य मुख्यालय में बैठे रह गई। पर कहीं से बाल विवाह की खबर नहीं आई। जिससे विभाग ने राहत की सांस ली है।


एक बाल विवाह में दर्ज हुआ जुर्म
बाल विवाह के एक प्रकरण में विभाग ने समझाईश देकर उक्त विवाह को रुकवाया। पर टीम के जाने के कुछ देर बाद दोनों पक्षों ने मिलकर कुछ देर बाद बाल विवाह कर लिया। जब इसकी जानकारी टीम को मिली तो संबंधित थाने में दोनों पक्षों के खिलाफ अपराध दर्ज करने को लेकर अनुशंसा की गई। जिसके बाद अपराध दर्ज हुआ।

Published on:
20 Apr 2018 03:51 pm