- भाजपा के ही कई पदाधिकारी व कार्यकर्ता टिकट वितरण से नाराज हो गए हैं।
रायगढ़. विधानसभा चुनाव को लेकर भाजपा ने प्रत्याशियों की सूची जारी कर दी है। इस सूची के जारी होने के बाद कांग्रेस के संभावित प्रत्याशियों को जीत की शुभकामनाएं देने का सिलसिला शुरू हो गया है। धरमजयगढ़ विधानसभा में अधिकांश देखने को मिल रहा है। इसी तरह की स्थिति जिले के अन्य विधानसभा में भी बनी हुई है।
बीते शनिवार की रात भाजपा ने पार्टी प्रत्याशियों की सूची जारी कर दी है। इस सूची में रायगढ़ जिले के पांचों विधानसभा के प्रत्याशियों का भी नाम है जिसमें रायगढ़ विधानसभा से रोशन लाल अग्रवाल लैलूंगा विधानसभा से सत्यानंद राठिया सारंगढ़ विधानसभा से केरा बाई मनहर और धरमजयगढ़ विधानसभा से लीनव राठिया को पार्टी का अधिकृत प्रत्याशी घोषित किया है।
प्रत्याशियों की सूची घोषित होने के बाद घमासान मचा हुआ है। भाजपा के ही कई पदाधिकारी व कार्यकर्ता टिकट वितरण से नाराज हो गए हैं। कुछ भाजपा के पदाधिकारी तो निर्दलीय चुनाव लडऩे की मंशा भी बनाए हुए हैं। इस बात को लेकर कांग्रेस चटकारे ले रही है।
धरमजयगढ़ विधानसभा की बात करें तो इस विधानसभा में भाजपा ने पूर्व संसदीय सचिव व पूर्व धर्म नगर विधायक ओमप्रकाश राठिया की बहू लीनव राठिया को अधिकृत प्रत्याशी घोषित किया है। इस विधानसभा क्षेत्र से धरमजयगढ़ सरपंच संघ अध्यक्ष संतोष राठिया, हरीश चंद्र राठिया, रजनी राठिया और राधेश्याम राठिया टिकट की मांग कर रहे थे लेकिन पार्टी ने उन्हें टिकट नहीं दिया। इससे इन पदाधिकारियों के कार्यकर्ताओं में मायूसी हैं।
इस बात का मजा लूटने में कांग्रेसी पीछे नहीं है। सोशल मीडिया में मौजूदा विधायक लालजीत राठिया को विधानसभा में दोबारा जीत दर्ज करने की शुभकामनाएं भी दे रहे हैं। शुभकामना संदेश बकायदा सोशल मीडिया में भी वायरल किया जा रहा है जिसमें लगातार कमेंट्स और लाइक्स भी आ रहे हैं। हालांकि कांग्रेस ने अभी तक प्रत्याशियों की सूची घोषित नहीं की है लेकिन धरमजयगढ़ विधानसभा से मौजूदा विधायक लालजीत सिंह राठिया का सिंगल नाम है टिकट के लिए आ रहा है।
मान मनौव्वल का भी दौर
भाजपा की ओर से टिकट फाइनल होने के बाद पार्टी में बगावती तेवर भी दिखने लगे हैं। इस बात को लेकर मान कनौव्वल का भी दौर चल रहा है। सूची जारी होने के पहले जो कार्यकर्ता अपने नेता को प्रमुख बताते हुए टिकट की दावेदारी में उनका प्रचार-प्रसार कर रहे थे अब वे ही पार्टी को सर्वोपरि बता रहे हैं। वहीं लगातार इस बात को रख रहे हैं कि प्रत्याशी तो आते-जाते रहते हैं पार्टी के हिसाब से सभी लोगों को काम करना चाहिए। उनकी यह बात भी कई लोगों की गले नहीं उतर रही है।
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