रायगढ़

नाली में गिरकर वृद्ध की मौत, नहीं मिला शव वाहन तो ऑटो में लेकर गए अस्पताल

- शव वाहन को लेकर पुलिस व उपसरपंच के साथ डॉक्टर की हुई नोकझोंक

2 min read
Jul 31, 2018
नाली में गिरकर वृद्ध की मौत, नहीं मिला शव वाहन तो ऑटो में लेकर गए अस्पताल

रायगढ. दशकर्म से घर लौट रहे एक वृद्ध की रात में नाली में गिरकर मौत हो गई। सुबह जब वृद्ध के परिजनों ने नाली में उसका शव देखा तो घटना की सूचना पुलिस को दी। इसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने बताया कि शव को पीएम के लिए अस्पताल ले जाने के लिए बीएमओ से शव वाहन मांगा गया, लेकिन उसने देने से मना कर दिया। साथ ही यह कहा कि शव को अस्पताल लाने की जिम्मेदारी पुलिस की है, वह अपने स्तर से वाहन की व्यवस्था करे। ऐसे में पुलिस व उक्त डॉक्टर के बीच फोन पर तीखी बहस भी हुई। इसके बाद भी जब शव वाहन की व्यवस्था नहीं हुई तो पुलिस ने ऑटो से शव को अस्पताल पहुंचाया।

घटना सारंगढ़ थाना क्षेत्र की है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार भेड़वन निवासी रामचरण सिदार पिता नरदिया सिदार 80 वर्ष 29 जुलाई की सुबह अपने दोस्त की मां के दशकर्म में गांव के करीब 8.10 लोगों के साथ चारपहिया वाहन में बिलासपुर गया था। रात्रि करीब 09 बजे वे बिलासपुर से लौटकर अपने गांव पहुंचे।

ये भी पढ़ें

सिलेंडर नहीं मिलने से परेशान उपभोक्ताओं ने किया ये काम, दौड़े-भागे पहुंचे प्रशासनिक अफसर, फिर हुआ ऐसा, पढि़ए पूरी खबर…

Read More : अरबपति बनने का सपना दिखाने वाले सेफ एंड सिक्योर ऑनलाइन मार्केटिंग से जुड़े 10 लोगों पर अपराध दर्ज
इसके बाद सभी चारपहिया वाहन से उतर कर अपने-अपने घर के लिए निकल गए। पुलिस ने बताया कि वृद्ध हो जाने की वजह से रामचरण की आंखें कमजोर हो गई थी। उसे रात में कुछ-कुछ ही दिखाई देता था। जिस वक्त वह चारपहिया वाहन से उतर कर अपने घर पैदल आ रहा था। उस दौरान मोहल्ले की बिजली भी गुल थी। ऐसे में बीच सड़क में बने नाली में उसका पैर फंस गया और गिर कर उसकी मौत हो गई। घटना के दूसरे दिन जब रामचरण के परिजन ने उसकी लाश देखी तो पुलिस को सूचित किया गया। पुलिस ने इस मामले में मर्ग कायम कर लिया है। मामले की विवेचना की जा रही है।

क्या कहती है पुलिस
इस संबंध में पुलिस ने बताया कि मृतक के परिजन की आर्थिक स्थिति काफी कमजोर है। जब वे घटना स्थल पर पहुंचे तो वृद्ध की लाश मौके पर ही पड़ी थी। ऐसे में शव को पीएम के लिए सारंगढ़ अस्पताल ले जाने के लिए उपसरपंच ने बीएमओ जेआर घृतलहरे से बात की गई। ऐसे में उन्होंने यह काम पुलिस का कहते हुए वाहन देने से मना कर दिया। इसके बाद मौके पर मौजूद पुलिस ने बीएमओ से बात की तो बीएमओ ने कहा कि शव को अस्पताल पहुंचाना पुलिस का काम है, हमारा नहीं। ऐसे में पुलिस व बीएमओ के बीच काफी देर तक फोन पर बहस हुई। आखिर पुलिस ने ऑटो से शव को अस्पताल पहुंचाया।

क्या कहते हैं बीएमओ
इस संबंध में सारंगढ़ बीएमओ जेआर घृतलहरे से बात की गई तो उन्होंने बताया कि कहीं पर किसी की मौत होती है तो उसे अस्पताल पहुंचाना पुलिस का दायित्व है, हमारा नहीं। हमारा दायित्व यह है कि अस्पताल में किसी की मौत होती है या पीएम होता है तो उसके शव को सम्मान के साथ उसके घर पहुंचाएं। यह सीएमएचओ टोंडर का भी आदेश है। वहीं जब लायन ऑडर मिलता है, जैसे कि किसी घटना में किसी की मौत हुई है ट्रैफिक जाम हुआ है, तब अगर एसडीएम हमें आदेश देते हैं तो हम शव वाहन मौके पर भेजते हैं। इस घटना की जानकारी भी मैनें सारंगढ़ एसडीएम को दी थी। इसके बाद उन्होंने मुझे कोई आदेश नहीं दिया है। इसलिए शव वाहन नहीं भेजा गया।

ये भी पढ़ें

Elections 2018 : काग्रेस में मचा पैराशूट का शोर, कौन हैं ये लोग जो अपनी बात पर राहुल गांधी तक लगा रहे जोर, पढि़ए खबर…

Published on:
31 Jul 2018 05:53 pm
Also Read
View All