रायगढ़

एक्ट में संशोधन का विरोध, बंद कराने हजारों लोग उतरे सड़क पर, सारंगढ़ में जमकर तोड़-फोड़, पुलिस रही मौन

शांति समिति में चेंबर ऑफ कामर्स के पदाधिकारी भी आए थे, जिसमें चेंबर ऑफ कॉमर्स के पदाधिकारियों ने इस बंद को समर्थन नहीं करने की बात कही थी।

4 min read
Apr 03, 2018

रायगढ़. 2 अप्रैल को भारत बंद के आह्वान के बाद बड़ी संख्या में एससी व एसटी वर्ग के लोग शहर की सड़कों पर उतरे और रैली निकालकर ज्ञापन सौंपा। जिले के अलग-अलग ब्लाकों में इसको लेकर विरोध प्रदर्शन भी किया गया। जिले में सभी जगह धरना प्रदर्शन लगभग शांत ही रहा, पर सारंगढ़ में प्रदर्शनकारियों की ओर से काफी उत्पात मचाए जाने की खबर सामने आई है।

शहर में संबंधित समाज के लोग सुबह से ही शहर बंद करवाने के लिए निकल पड़े थे। हलंाकि शुरुआत में बंद का कोई व्यापक असर तो नहीं दिखा पर दिन के समय आधी दुकानें खुली और आधी दुकान बंद की स्थिति देखी गई। वहीं दोपहर के बाद शहर में लगभग सभी दुकानें खुल गई थी। शहर में बंद करवाने को लेकर किसी प्रकार की कोई अप्रिय स्थिति निर्मित नहीं हुई। इसके बाद रामलीला मैदान से बड़ी संख्या में एक रैली का आयोजन किया गया जो कि पूरे शहर का भ्रमण करते हुए पहले अंबेडकर चौक पहुंची, इसके बाद वहां से कलक्टोरेट में जाकर ज्ञापन सौंपा गया।

ये भी पढ़ें

लाउड स्पीकर का बैट्री हुआ खत्म, यात्रियों को मुंह से ही देनी पड़ी 182 की जानकारी

Read More : मजदूरी कि राशि मांगने पर भड़क गया रोजगार सहायक बोला मेरा जो करना है कर लो

सारंगढ़. सुप्रीम कोर्ट के हरिजन एक्ट ने किए गए संशोधन के विरोध में भारत बंद के तत्वाधान में सारंगढ़ बंद का आयोजन किया गया था। पूर्व में सारंगढ़ एसडीएम बीआर ठाकुर द्वारा शांति समिति की बैठक बुलाई गई थी। इस दौरान एसडीएम ने शांतिपूर्वक बंद करवाने की बात कही थी। इस दौरान किसी भी प्रकार का बलप्रदर्शन या जबरन बंद नहीं कराने की बात कही गई थी। शांति समिति में चेंबर ऑफ कामर्स के पदाधिकारी भी आए थे, जिसमें चेंबर ऑफ कॉमर्स के पदाधिकारियों ने इस बंद को समर्थन नहीं करने की बात कही थी।

इसके विपरीत सारंगढ़ सतनामी विकास परिषद के बैनर तले नगर में सवेरे नौ बजे से लगभग 12 बजे तक भारत माता चौक में जाम किया गया। बाद में हजारों की संख्या में लोग शामिल हुए, इसमें महिलाएं भी बड़ी संख्या में शामिल थी। प्रदर्शनकारियों का दल पूरे नगर में रैली के रूप में निकला। इस दौरान सुबह नौ बजे से ही दुकानों को बंद कराने के लिए लोग डंडे से लैस होकर घूम रहे थे। प्रदर्शनकारियों द्वारा पुरानी सब्जी मंडी के एक होटल में घुसकर होटल के फर्नीचर को तोड़-फोड़ दिया, साथ ही होटल के संचालक से दुव्र्यवहार भी किया गया।

जनपद पंचायत के बोर्ड को तोड़-फोड़ करने के साथ ही जनपद पंचायत के अंदर घुसकर जनपद के एक कर्मचारी के मोटरसाइकिल के साथ तोड़-फोड़ की गई। सब्जी मंडी में डंडे के दम पर सब्जी मंडी को बंद करवाया गया। सब्जी बेचने वाली महिलाओं ने बताया की हमारी गुमटी में तोडफ़ोड़ की गई और गुमटी के लकड़ी को ले गए, महिला का कहना था कि इस दौरान वहां पर तोड़-फोड़ मचा रहे प्रदर्शनकारी शराब के नशे में थे।

बस में की तोड़-फोड़
बस स्टैंड में सारंगढ से बिलासपुर जाने वाली आदर्श बस में तोडफ़ोड़ की गई, जिसकी रिपोर्ट उक्त बस का एजेंट अनिल यादव द्वारा थाने में लिखवाई गई है। सवेरे साढ़े दस बजे लगभग चार की संख्या में प्रदर्शनकारियों द्वारा थाने का पूर्ण रूप से घेराव किया गया, इस दौरान पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की गई और थाना परिसर में जब्तशुदा ट्रकों में तोड़-फोड़ की गई।

लोग थे असहाय
इस पूरे मामले में यह बात खास रही कि जिस प्रकार से तोड़-फोड़ की गई उस दौरान पुलिस पूरी तरह से गायब थी, लोग अपने आप को काफी असहाय महसूस कर रहे थे। जब अतिरिक्त बल पहुंचा तब जाकर इन्हें राहत मिली।

रैली़ में शामिल लोगों को जानकारी ही नहीं
उक्त संशोधन आदेश के विरोध में प्रदर्शन करने के लिए निकाली गई रैली में शामिल कुछ महिला व पुरुषों से जब पूछा गया कि किस मांग को लेकर आए हैं तो कोई राशन कार्ड की समस्या बताने लगा तो कोई और कुछ समस्या बताने लगा, इससे यह तो तय है कि रैली में शामिल काफी लोगों को इस बात की जानकारी ही नहीं थी इनको किस लिए बुलाया गया था।

अन्य जगहों पर भी किया गया प्रदर्शन, सौंपा गया ज्ञापन
सोमवार को जिले के अन्य ब्लाकों में भी एससी व एसटी समाज की ओर से रैली निकालकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ प्रदर्शन किया गया ब्लाक मुख्यालयों में प्रदर्शन के बाद वहां के आला अधिकारियों को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा गया है। पूरे जिले में बंद का आयोजन लगभग शांतिपूर्वक संपन्न हुआ लेकिन सारंगढ़ में इस प्रदर्शन और रैली के दौरान व्यापक तोड़-फोड़ की स्थिति सामने आई है। ऐसे में इस प्रकार से किए गए बंद को लेकर कई प्रकार से सवाल भी लोगों के मन में उठ रहे हैं आक्रोश की भी स्थिति है।

कोसीर रहा बंद
कोसीर. भारत बंद आह्वान पर कोसीर नगर भी पूर्णत: बंद रहा। सुबह से ही कोसीर नगर के सतनामी समाज के कार्यकर्त्ता लाभोराम लहरे, बसन्त सुमन, भैरव जाटवर, राजेन्द्र लहरे, यशवंत लहरे, राजेंद्र जांगडे साथियों ने नगर के दुकानों को आज बंद रखने आह्वान किया। जिस पर सभी व्यवसायियों ने बंद का समर्थन किया और कोसीर पूरी तरह बंद रहा। गौरतलब हो कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा वर्तमान में अजा एवं अजजा उत्पीडऩ अधिनियम की जो व्यवस्था की है इससे अजा एवं अजजा को दी गई सामाजिक सुरक्षा लाभ समाप्त हो चुकी है।

ये भी पढ़ें

शराबियों ने आरक्षक को सरेराह पीटा, आरक्षक पहुंचा थाने, फिर जो हुआ जानकर हो जाएंगे हैरान, पढि़ए खबर
Published on:
03 Apr 2018 12:18 pm
Also Read
View All