- टिकट का चयन पार्टी कार्यकताओं व जनता की मांग को देखकर नहीं बल्कि व्यक्ति इच्छा और स्वार्थ को देखकर किया
रायगढ़. विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा ने शनिवार रात प्रत्याशियों की पहली सूची तो घोषित कर दी, लेकिन उसके साथ ही पार्टी नेताओं में विरोध भी शुरू हो गया है। हालत यह है कि रायगढ़ विधानसभा क्षेत्र से मौजूदा विधायक रोशनलाल अग्रवाल को टिकट मिलने के बाद यहां भाजपा तीन धड़ों में बंटती दिखाई दे रही है। रोशन लाल को टिकट दिए जाने का विरोध भाजपा के वरिष्ठ नेता विजय अग्रवाल और उमेश अग्रवाल दोनों ने किया है। विजय अग्रवाल ने पार्टी आलाकमान पर यहां तक आरोप लगा डाला है कि टिकट का चयन पार्टी कार्यकताओं व जनता की मांग को देखकर नहीं बल्कि व्यक्ति इच्छा और स्वार्थ को देखकर किया है।
गौरतलब है कि रायगढ़ विधानसभा से भाजपा से टिकट मांगने की दौड़ में वर्तमान विधायक रोशन लाल अग्रवाल के साथ ही साथ यहां पूर्व विधायक रहे विजय अग्रवाल और उमेश अग्रवाल का नाम तेजी से चल रहा था। जैसे ही पार्टी ने शनिवार को टिकट के दावेदारों के नाम की घोषणा की और रोशनलाल अग्रवाल का नाम सामने आया विरोध के स्वर फूटने लगे। रात में ही विजय अग्रवाल के घर पार्टी कार्यकर्ता बड़ी संख्या में पहुंचे और उसके बाद वहां बैठक आयोजित कर विरोध करने का फैसला लिया गया।
इसके बाद अगले दिन रविवार सुबह विजय अग्रवाल के घर बैठक बुलाई गई, जिसमें बड़ी संख्या में भाजपा नेताओं पाषर्द, डीडीसी व बीडीसी सदस्य सहित कार्यकर्तागण उपस्थित हुए। चर्चा है कि यदि विजय अग्रवाल को भाजपा से टिकट नहीं मिलता है तो वह निर्दलीय चुनाव लड़ सकते हैं। हालांकि इस सबंध में विजय अग्रवाल ने कहा है कि पार्टी ने गलत निर्णय लिया है।
रोशनलाल अग्रवाल का विरोध गांव-गांव में है, इसके बाद भी पार्टी के बड़े लोगों ने यह फैसला कैसे ले लिया समझ के परे है। उन्होंने कहा कि इस फैसले से साफ है कि टिकट के नाम का चयन पार्टी कार्यकर्ताओं और जनता की पसंद से नहीं बल्कि व्यक्तिगत पसंद से किया गया है। निर्दलीय चुनाव लडऩे के बारे में विजय ने कहा कि यह बड़ा फैसला है, अभी पार्टी आलाकमान को सोचने के लिए तीन दिन का समय दिया गया है, उसके बाद इस बारे में निर्णय लिया जाएगा।
पांच पार्षदों ने दिया भाजपा से इस्तीफा
नगर निगम रायगढ़ में भाजपा के पार्षद कौशलेष मिश्रा, मुक्तीनाथ प्रसाद, विवेक सोलंकी, अरुण देवांगन और अशोक यादव ने भाजपा से इस्तीफा दे दिया। उनका आरोप है कि पार्टी आलाकमान ने टिकट के लिए सही आदमी का चयन नहीं किया है, इसलिए वह लोग पार्टी से इस्तीफा दे रहे हैं।
- मैंने पिछला चुनाव 20 हजार वोटों से जीता था। इस बार भी टिकट का चयन मेरा चेहरा देखकर नहीं बल्कि मेरे कार्यों को देखकर लिया है। पार्टी ने टिकट चयन से पहले पर्यवेक्षक भेजे थे। उन्होंने सर्वे किया, जनता की राय ली, टिकट के लिए पार्टी कार्यकताओं का भी मत लिया गया, उसके बाद टिकट का चयन किया गया है। रही बात मुझे टिकट मिलने के विरोध की तो जिन लोगों को टिकट नहीं मिलेगा वह विरोध करेंगे। उन्हें जो बोलना है बोलें मुझे उनके बारे में कोई टिप्पणी नहीं करना- रोशनलाल अग्रवाल, विधायक, रायगढ़