समस्या को लेकर युवा सेना ने नगर निगम का घेराव कर दिया। घेराव के बाद निगम आयुक्त ने 15 दिन में गड्ढे भरवाए जाने का आश्वासन दिया।
रायगढ़. शहर में पहले सड़क नहीं बनने से लोग परेशान थे, अब सड़क बन जाने के बाद भी लोग परेशान हैं। कारण सड़क का घटिया निर्माण। बारिश में सड़क पर जगह-जगह गड्ढे हो गए हैं, इससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस समस्या को लेकर युवा सेना ने नगर निगम का घेराव कर दिया। घेराव के बाद निगम आयुक्त ने 15 दिन में गड्ढे भरवाए जाने का आश्वासन दिया। इसके बाद युवा सेना शांत हुई।
सड़क को लेकर निगम का उदासीन रवैया समाप्त होने का नाम नहीं ले रहा है। पहले पैचवर्क के नाम पर लीपापोती की गई। वही अब नया निर्माण में भी गुणवत्ता नहीं है। स्थिति यह है कि निगम के द्वारा हाल ही के दो माह पहले जिन सड़कों का डामरीकरण करवाया है, वे सड़क उधड़ गए हैं। कोतवाली मार्ग के पास तो बड़ा गड्ढा हो गया है। इन गड्ढों में फंसने से आए दिन लोग हादसे के शिकार भी हो रहे हैं। इस समस्या को लेकर युवा सेना के सदस्यों ने नगर निगम दफ्तर का घेराव कर दिया। घेराव के दौरान निगम प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की गई।
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि जब निर्माण के लिए लाखों रुपए खर्च किए गए हैं, तब गुणवत्तापूर्ण सड़क का निर्माण क्यों नहीं करवाया गया। वहीं युवा सेना के द्वारा संबंधित ठेकेदार व सड़क निर्माण करने वाले तकनीकी अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी की। करीब १० से १५ मिनट तक चले इस प्रदर्शन के बाद नगर निगम आयुक्त भी मौके पर पहुंचे। वहीं निगम आयुक्त ने प्रदर्शनकारियों को यह आश्वासन देकर शांत करवाया कि इन गड्ढो को १५ दिन के पूर्व ही भरा जाएगा। निगम आयुक्त के आश्वासन पर युवा सेना शांत हुई।
पहले भी किया प्रदर्शन
युवा सेना के द्वारा शहर की जर्जर सड़कों को लेकर इससे पूर्व भी प्रदर्शन किया गया था। सड़क की दुर्दशा को लेकर युवा सेना व शिव सेना के द्वारा कोतवाली थाना में प्रदर्शन किया गया था। वहीं गुणवत्ताहीन सड़क की जिम्मेदारी निगम आयुक्त व निगम के ईर्ई पर थोपा। साथ ही इन दोनों अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज किए जाने की मांग की।
कार्रवाई को लेकर नहीं हुई कोई बात
नगर निगम आयुक्त ने प्रदर्शनकारियों को यह कहते हुए तो शांत करा दिया कि १५ दिन के भीतर शहर के गड्ढों को भरवा दिया जाएगा, लेकिन इस गड्ढो के लिए जिम्मेदारी संबंधित ठेकेदार व निगम के तकनीकी अधिकारियों पर कार्रवाई की कोई बात नहीं कही। ऐसे में यह भी कहा जा रहा कि गुणवत्ताहीन निर्माण नगर निगम के अधिकारी व ठेकेदारों की सांठगांठ से हो रही है।