रायगढ़

अब पर्दे पर दिखेगी साइबर ठगी की पूरी कहानी, SSP-CSP निभाएंगे ठग और पुलिस का किरदार

Cyber Crime Awareness: रायगढ़ पुलिस साइबर जागृति अभियान के तहत शॉर्ट फिल्म बना रही है। SSP शशि मोहन सिंह समेत पुलिस अधिकारी फिल्म में नजर आएंगे।
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Sep 22, 2026
Cyber Awareness Campaign
ठगी से बचाने पुलिस का फिल्मी अंदाज (Photo Source- Patrika Create)

Cyber Awareness Campaign: साइबर ठगी के बढ़ते मामलों के बीच लोगों को जागरूक करने के लिए रायगढ़ पुलिस ने अलग अंदाज में पहल शुरू की है। छत्तीसगढ़ में 15 अगस्त से 2 अक्टूबर तक चलाए जा रहे साइबर जागृति अभियान के तहत रायगढ़ पुलिस साइबर अपराधों पर आधारित एक शॉर्ट फिल्म तैयार कर रही है। खास बात यह है कि फिल्म में रायगढ़ पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी खुद अलग-अलग किरदारों में नजर आएंगे। SSP शशि मोहन सिंह समेत पुलिस के अन्य अधिकारी और कर्मचारी फिल्म का हिस्सा होंगे।

साइबर ठगी के तरीके कहानी के जरिए समझाएगी पुलिस

इस शॉर्ट फिल्म में साइबर अपराधियों द्वारा लोगों को अपने जाल में फंसाने के नए-नए तरीकों को कहानी के माध्यम से दिखाया जाएगा। फिल्म में म्यूल अकाउंट, APK फाइल और साइबर ठगी के अन्य माध्यमों का इस्तेमाल किस तरह किया जाता है, इसे सरल तरीके से समझाने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस का उद्देश्य लोगों को डराना नहीं, बल्कि उन्हें ऐसे मामलों में सतर्क करना है, ताकि अनजान लिंक, APK फाइल या संदिग्ध बैंक खातों से जुड़े मामलों में सावधानी बरती जा सके।

SSP समेत पुलिस अधिकारी निभाएंगे किरदार

फिल्म में रायगढ़ SSP शशि मोहन सिंह के अलावा अनिल सोनी, मयंक मिश्रा, उत्तम प्रताप सिंह, राकेश मिश्रा, उत्कर्ष श्रीवास्तव, सानिया गुप्ता, लीना ठाकुर, दीपेश महंत और हर्ष बैरागी समेत रायगढ़ पुलिस के अधिकारी और कर्मचारी नजर आएंगे। पुलिस के मुताबिक फिल्म का उद्देश्य किसी प्रतियोगिता में हिस्सा लेना नहीं है। इसे विशेष रूप से साइबर अपराधों के प्रति आम लोगों में जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया जा रहा है।

पुलिस कंट्रोल रूम में भी हुई शूटिंग

शॉर्ट फिल्म की कहानी और निर्देशन ऋभू समर्थ सिंह ने किया है। फिल्म के निर्माण में तोरण राजपूत ने डायरेक्टर ऑफ फोटोग्राफी, मनमोहन बैरागी ने ऑपरेटिंग कैमरामैन के रूप में योगदान दिया है। फिल्म के लिए जरूरी उपकरण अष्टविनायक HD World रायपुर की ओर से उपलब्ध कराए गए हैं। देवानंद यादव, मिथलेश और योगेश ने भी फिल्म की शूटिंग में सहयोग किया है। फिल्म के कई महत्वपूर्ण दृश्यों की शूटिंग पुलिस कंट्रोल रूम में की गई है। इसके अलावा रायगढ़ के अलग-अलग स्थानों पर भी फिल्म के सीन शूट किए जा रहे हैं।

म्यूल अकाउंट और APK के जरिए होने वाली ठगी पर फोकस

फिल्म में साइबर अपराधियों के उन तरीकों को प्रमुखता से दिखाया जा रहा है, जिनके जरिए वे आम लोगों की मेहनत की कमाई हड़पने की कोशिश करते हैं। म्यूल अकाउंट और APK फाइलों के जरिए होने वाली ठगी को कहानी में शामिल किया गया है। पुलिस का कहना है कि साइबर अपराधी लगातार ठगी के नए तरीके अपना रहे हैं। ऐसे में लोगों तक जानकारी पहुंचाने के लिए केवल पारंपरिक जागरूकता कार्यक्रमों के बजाय डिजिटल प्लेटफॉर्म और वीडियो जैसे माध्यमों का भी इस्तेमाल किया जा रहा है।

हर सप्ताह अलग कॉन्सेप्ट से जागरूकता अभियान

SSP शशि मोहन सिंह ने बताया कि साइबर जागृति अभियान के तहत रायगढ़ पुलिस हर सप्ताह अलग-अलग कॉन्सेप्ट के माध्यम से लोगों को साइबर अपराधों से बचाव के लिए जागरूक कर रही है। इसी कड़ी में शॉर्ट फिल्म तैयार की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह फिल्म लघु फिल्म प्रतियोगिता का हिस्सा नहीं है। इसका मुख्य उद्देश्य साइबर अपराधियों के काम करने के तरीके को सरल और प्रभावी तरीके से लोगों तक पहुंचाना है, ताकि लोग समय रहते सावधान हो सकें।

साइबर जागृति अभियान में लघु फिल्म प्रतियोगिता भी

साइबर जागृति अभियान के तहत रायगढ़ पुलिस की ओर से अलग से लघु फिल्म प्रतियोगिता भी आयोजित की जा रही है। इसकी थीम ‘संकल्प : साइबर मुक्त छत्तीसगढ़’ रखी गई है। प्रतियोगिता में दो कैटेगरी में साइबर अपराधों से जुड़े विषयों पर वीडियो और लघु फिल्म तैयार की जा सकती है। प्रतिभागी अधिकतम 3 मिनट का वीडियो और 6 मिनट तक की लघु फिल्म तैयार कर सकते हैं। तैयार वीडियो या फिल्म को Google Drive अथवा किसी अन्य विश्वसनीय फाइल होस्टिंग प्लेटफॉर्म पर अपलोड कर उसका लिंक निर्धारित ई-मेल आईडी पर भेजना होगा।

दोनों कैटेगरी में पुरस्कार

प्रतियोगिता की दोनों कैटेगरी में प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों के लिए कुल 3 लाख 75 हजार रुपए तक के पुरस्कार रखे गए हैं। प्रतियोगिता से जुड़ी अधिक जानकारी के लिए 8817420420 नंबर पर संपर्क किया जा सकता है। रायगढ़ पुलिस की इस पहल के जरिए कोशिश है कि साइबर ठगी के बदलते तरीकों को लोगों तक उनकी रोजमर्रा की भाषा और कहानी के माध्यम से पहुंचाया जाए। शॉर्ट फिल्म के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर प्रसारित होने के बाद इसके जरिए अधिक से अधिक लोगों तक साइबर सुरक्षा से जुड़ी जानकारी पहुंचाने की तैयारी है।

Updated on:
22 Sept 2026 03:05 pm
Published on:
22 Sept 2026 03:05 pm