
Cyber Fraud: सेवानिवृत्त शिक्षक से करीब 47 लाख रुपए की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। कोतरारोड़ पुलिस ने मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। पुलिस के मुताबिक आरोपी ने करीब 6 वर्षों तक शिक्षक के विश्वास का फायदा उठाया और उनके बैंक खाते से अलग-अलग समय पर ऑनलाइन ट्रांजेक्शन कर रकम अपने खातों में ट्रांसफर करता रहा। मामले में खास बात यह है कि शिक्षक के सेवानिवृत्त होने के बाद खाते में जमा हुई जीपीएफ, ग्रेच्युटी और अन्य सेवानिवृत्ति राशि को भी आरोपी ने निशाना बनाया। पुलिस जांच में सामने आया कि खाते से निकाली गई रकम आरोपी ने अपने अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर की और बाद में इसका एक हिस्सा ऑनलाइन गेमिंग में खर्च किया।
पुलिस के अनुसार आरोपी शिक्षक के संपर्क में था और इसी भरोसे का फायदा उठाकर उसने बैंक खाते से जुड़े लेनदेन किए। करीब छह साल की अवधि में अलग-अलग ऑनलाइन ट्रांजेक्शन के जरिए रकम दूसरे खातों में पहुंचाई गई। शुरुआत में छोटे-बड़े लेनदेन के जरिए रकम ट्रांसफर किए जाने की बात सामने आई है। सेवानिवृत्ति के बाद शिक्षक के बैंक खाते में जीपीएफ और ग्रेच्युटी समेत अन्य राशि जमा हुई। पुलिस के मुताबिक आरोपी की नजर इस रकम पर भी थी। इसके बाद खाते से बड़ी रकम दूसरे बैंक खातों में ट्रांसफर की गई।
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि आरोपी ने रकम को अपने अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर किया। इसके बाद राशि का इस्तेमाल ऑनलाइन गेमिंग में किया गया। करीब 47 लाख रुपए की धोखाधड़ी सामने आने के बाद पुलिस ने बैंकिंग लेनदेन की जांच शुरू की। पुलिस अब आरोपी द्वारा इस्तेमाल किए गए बैंक खातों में हुए ट्रांजेक्शन की भी पड़ताल कर रही है। इससे यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि रकम कब-कब और किस माध्यम से ट्रांसफर की गई।
मामले की जांच के दौरान कोतरारोड़ पुलिस ने आरोपी के बैंक खाते, एटीएम कार्ड और मोबाइल फोन को जब्त किया है। इनसे ऑनलाइन ट्रांजेक्शन और रकम के इस्तेमाल से जुड़े साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। पुलिस का कहना है कि इलेक्ट्रॉनिक और बैंकिंग रिकॉर्ड की जांच के आधार पर पूरे मामले की कड़ियों को जोड़ा जा रहा है। लंबे समय तक हुए लेनदेन के कारण जांच में बैंक स्टेटमेंट और डिजिटल साक्ष्यों की अहम भूमिका है।
शिकायत और जांच के आधार पर कोतरारोड़ पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी का अपराध दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया। पूछताछ और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई के बाद आरोपी को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। फिलहाल पुलिस मामले में रकम के पूरे ट्रांजेक्शन, आरोपी द्वारा इस्तेमाल किए गए बैंक खातों और ऑनलाइन गेमिंग में खर्च की गई राशि से जुड़े रिकॉर्ड की जांच कर रही है। करीब 47 लाख रुपए की रकम छह वर्षों में किस-किस तारीख और किस माध्यम से ट्रांसफर हुई, इसका पूरा ब्योरा जांच के बाद सामने आने की उम्मीद है।