
Sushasan Tihar 2026: सुशासन तिहार के अवसर पर छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में सीएम साय ने क्षेत्रीय न्यायिक विज्ञान प्रयोगशाला (FSL लैब) का विधिवत शुभारंभ किया। राजामहल के पास स्थापित इस अत्याधुनिक प्रयोगशाला के शुरू होने से रायगढ़, सक्ती और सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिलों की पुलिस जांच व्यवस्था को बड़ी मजबूती मिलेगी। अब गंभीर अपराधों की वैज्ञानिक जांच के लिए नमूनों को बिलासपुर भेजने की जरूरत काफी हद तक खत्म हो जाएगी।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार कानून व्यवस्था को आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक जांच प्रणाली से मजबूत बनाने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि आज अपराधों की जांच केवल पारंपरिक तरीकों से संभव नहीं है और फॉरेंसिक जांच अपराधियों तक पहुंचने का सबसे प्रभावी माध्यम बन चुकी है।
वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने इस परियोजना को रायगढ़ के लिए ऐतिहासिक बताया। उन्होंने कहा कि स्थानीय स्तर पर वैज्ञानिक परीक्षण शुरू होने से जांच प्रक्रिया तेज, पारदर्शी और प्रभावी होगी, जिससे पीड़ितों को जल्द न्याय मिल सकेगा।
अब तक पुलिस को ब्लड सैंपल, विसरा, स्लाइड, मादक पदार्थ, केमिकल और अल्कोहल जांच के लिए Bilaspur स्थित फॉरेंसिक लैब पर निर्भर रहना पड़ता था। इससे जांच में देरी होती थी और कई मामलों का निराकरण लंबित रहता था। रायगढ़ में नई लैब शुरू होने से अधिकांश जांच स्थानीय स्तर पर ही संभव होगी।
नई प्रयोगशाला से हत्या, दुष्कर्म, आत्महत्या और NDPS से जुड़े मामलों की वैज्ञानिक जांच तेजी से हो सकेगी। इससे लंबित मामलों के निपटारे में तेजी आएगी और पुलिस विवेचना की समय-सीमा घटेगी।
इस अवसर पर राधेश्याम राठिया, देवेंद्र प्रताप सिंह, जीववर्धन चौहान, मयंक चतुर्वेदी और शशि मोहन सिंह सहित कई जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।