पूर्व के वर्षों में भी एक घटना सामने आई थी जिसमें एक नाग का जोड़ा लगभग छह साल से नायक के पलंग के नीचे या फिर बिस्तर के नीचे रहता था, बकायदा रात को सोता भी था।
रायगढ़. 15 दिन के अंदर इस घर से 15 नाग निकल चुके हैं जिसमे दो बड़ा और 13 छोटे नाग शामिल हैं। हर बार की तरह इन नागों को बोरी में भरा जाता है और पांच से सात किलोमीटर दूर जंगल में छोड़ दिया जाता है। भूपदेवपुर थाना अंतर्गत रक्शापाली गांव का एक घर नागों का अड्डा बन गया है। गोपालकृष्ण नायक के इस घर में हर साल नाग निकलते हैं, अभी पिछले 15 दिनों के अंदर 15 नाग यहां निकले हैं और उन्हें गांव के ही भरतलाल महिलाने और शिव देवांगन ने पकड़ा, बोरी में भरा और जंगल में छोड़ दिया है। विदित हो कि पूर्व के वर्षों में भी एक घटना सामने आई थी जिसमें एक नाग का जोड़ा लगभग छह साल से नायक के पलंग के नीचे या फिर बिस्तर के नीचे रहता था, बकायदा रात को सोता भी था। गोपाल ने इस बात की जानकारी किसी को नहीं दी थी, पर घरवालों को पता चल गया और भय के कारण उसे मरवा दिया। इस साल भी यहां लगातार नाग निकल रहे हैं।
मांत्रिक बोले ये नाग स्थल है
बार-बार घर से नाग निकलने की घटना से परेशान घर के सदस्यों ने कई उपाय करवाए पर कोई फायदा नहीं हो रहा है। नायक ने बताया कि कुछ मांत्रिकों को भी घर दिखलाया गया, इस विषय में सलाह ली गई तो उन्होंने कहा कि ये नाग स्थल है, इसलिए बार-बार यहां नाग निकल रहे हैं।
भय का बना है माहौल
गोपाल ने बताया कि लगातार नागों के निकलने के कारण घर में काफी भय का माहौल है। उनके घर में छोटे बड़े मिलाकार 12 लोग हैं। घर में ही 22 गाय पाली गई है। इन हालात में किसी प्रकार का अनिष्ट न हो जाए इस बात का भय बना रहता है।
अब तक नहीं हुआ नुकसान
परिजनों ने बताया कि यदि पूर्व के वर्षों को जोड़ दें तो सांपों की संख्या लगभग सौ के आसपास पहुंच जाती है जो इस घर से निकले हैं। लेकिन राहत की बात यह है कि आज तक किसी भी नाग ने कोई नुकसान घरवालों को नहीं पहुंचाया है।
मददगार बना कुत्ता
घर में एक डॉबरमैन नस्ल का कुत्ता भी पाला गया है। ऐसे में नाग निकलने की सूचना सबसे पहले कुत्ता ही घर के लोगों को देता है। घरवालों नेे बताया कि रात के समय ये कुत्ता किसी भी घर के सदस्य को बाहर निकलने नहीं देता है। यदि कोई जीव-जंतु रात को घर में निकला तो ये उसे मारकर पास के चबूतरे पर रख देता है।