जब प्रार्थी ने पेड़ चोरी करने वालों की पतासाजी की तो उसे आरोपी भी मिल गए, जिन्होंने प्रार्थी से कहा कि हमने तुम्हें अपनी जमीन बेची थी, पेड़ नहीं।
रायगढ़. कुछ लोगों ने निजी जमीन में लगे 13 नग जिंदा पेड़ को काटकर उसकी चोरी कर ले गए और चोरी किए गए पेड़ की लकड़ी को किसी दूसरे व्यक्ति के पास बेच दिए। भू-स्वामी जब अपनी जमीन को देखने गया तो वहां उसे 13 नग पेड़ कटे मिले। जब प्रार्थी ने पेड़ चोरी करने वालों की पतासाजी की तो उसे आरोपी भी मिल गए, जिन्होंने प्रार्थी से कहा कि हमने तुम्हें अपनी जमीन बेची थी, पेड़ नहीं। ऐसे में प्रार्थी की रिपोर्ट पर पुलिस ने तीन आरोपियों के खिलाफ अपराध दर्ज कर लिया है।
घटना जूटमिल चौकी क्षेत्र की है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार साल 2012 में कोड़ातराई निवासी गंगा यादव ने कोड़ातराई स्थित अपनी जमीन सांगीतराई निवासी राजेश कुमार अग्रवाल पिता गोविंदराम अग्रवाल 47 वर्ष को अपने साथियों लेखराम साहू व फागुलाल यादव के साथ मिलकर बेची थी। उक्त जमीन राजेश कुमार अग्रवाल व उसकी पत्नी सुनीता अग्रवाल के नाम पर रजिस्ट्री है। 13 मार्च को लेखराम साहू, गंगा यादव व फागुलाल यादव तीनों मिलकर राजेश कुमार अग्रवाल के जमीन पर पहुंचे और वहां लगे कहुआ, सरसींवा व नीम के 13 नग जिंदा पेड़ को काट कर उसकी चोरी कर ले गए।
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जून माह में राजेश कुमार अग्रवाल जब अपनी जमीन को देखने गया तो उसने देखा कि उसके जमीन से 13 नग पेड़ गायब हैं। जिसके सिर्फ ठूंठ ही दिख रहे हैं। इसके बाद राजेश ने आरोपियों की पतासाजी की तो उसे जानकारी हुई कि उक्त पेड़ों को गंगा यादव व उसके साथी काट कर ले गए हैं और किसी अन्य व्यक्ति के पास पेड़ की लकड़ी को बेच दिए हैं।
कहा जमीन बेची है, पेड़ नहीं
राजेश को जब आरोपियों की पहचान हो गई तो उसने आरोपियों से मिलकर पेड़ काटने के संबंध में पूछताछ की। इस पर आरोपियों का कहना था कि उन्होंने जमीन को बेची है, पेड़ को नहीं। ऐसे में वे ही पेड़ मालिक हैं। इस पर प्रार्थी राजेश अग्रवाल ने घटना की लिखित शिकायत जूटमिल चौकी में की थी, जहां आवेदन जांच पर से लेखराम साहू, गंगा यादव व फागुलाल यादव के खिलाफ पुलिस ने धारा 379, 34 के तहत अपराध दर्ज कर लिया है। मामले की विवेचना की जा रही है।