Raipur IPL Satta Racket: रायपुर में क्राइम ब्रांच ने इंटरस्टेट ऑनलाइन सट्टा रैकेट का भंडाफोड़ कर 20 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
CG Satta Racket: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में क्राइम ब्रांच ने ऑनलाइन सट्टेबाजी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक अंतरराज्यीय नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। इस कार्रवाई में पुलिस ने उड़ीसा और महाराष्ट्र तक छापेमारी कर कुल 20 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह आईपीएल मैचों पर बड़े स्तर पर ऑनलाइन सट्टा संचालित कर रहा था।
जांच में सामने आया है कि यह नेटवर्क छत्तीसगढ़, उड़ीसा और महाराष्ट्र में सक्रिय था। आरोपी अलग-अलग राज्यों में एजेंट बनाकर सट्टेबाजी का संचालन कर रहे थे। डिजिटल प्लेटफॉर्म और ऑनलाइन माध्यमों के जरिए पूरे रैकेट को संचालित किया जा रहा था।
क्राइम ब्रांच की कार्रवाई के दौरान आरोपियों के पास से 82 मोबाइल फोन और 10 लैपटॉप सहित करीब 60 लाख रुपये मूल्य का सामान जब्त किया गया है। इन उपकरणों का उपयोग सट्टेबाजी के संचालन और लेनदेन के लिए किया जा रहा था।
पुलिस के अनुसार, यह गिरोह इंडियन प्रीमियर लीग के सभी मैचों पर ऑनलाइन सट्टा लगवा रहा था। इसके लिए कई ऐप और डिजिटल प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल किया जा रहा था, जिससे देशभर में नेटवर्क फैलाया गया।
प्रारंभिक जांच में करोड़ों रुपये के लेनदेन के साक्ष्य मिले हैं। IPL Satta Racket पुलिस को कई बैंक खातों में भारी ट्रांजेक्शन के रिकॉर्ड भी मिले हैं, जिनकी गहन जांच जारी है। इससे इस रैकेट के बड़े नेटवर्क होने के संकेत मिल रहे हैं।
पुलिस ने बताया कि इस पूरे सट्टा नेटवर्क का मुख्य संचालक रायपुर निवासी बाबू खेमानी है। वह बाहर से पूरे नेटवर्क को नियंत्रित कर रहा था। हालांकि छापेमारी के दौरान वह फरार हो गया। पुलिस ने उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज कर विशेष टीम गठित की है, जो उसकी तलाश में जुटी हुई है। इस पूरे मामले में गंज थाना में एफआईआर दर्ज की गई है। क्राइम ब्रांच की टीम गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है और उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले दिनों में और बड़े खुलासे हो सकते हैं।
पुलिस अब इस सट्टा रैकेट से जुड़े बैंक खातों, डिजिटल ट्रांजेक्शन और अन्य नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही इस पूरे नेटवर्क का विस्तृत खुलासा किया जाएगा और इसमें शामिल अन्य लोगों पर भी कार्रवाई होगी। IPL Satta Racket बता दें रायपुर में हुई यह कार्रवाई दर्शाती है कि ऑनलाइन सट्टेबाजी अब एक संगठित और हाई-टेक अपराध बन चुका है। ऐसे में पुलिस की सख्ती और तकनीकी जांच ही इस तरह के रैकेट पर लगाम लगाने में अहम भूमिका निभाएगी।