रायपुर

पत्रिका एक्सपोज: सर्पदंश की दवा में 26 करोड़ का खेल? एंटी वेनम खरीदी और मुआवजे के आंकड़ों ने उठाए बड़े सवाल

Chhattisgarh Snake Bite News: 'पत्रिका एक्सपोज' में खुलासा हुआ है कि सीजीएमएससी ने बीते तीन साल चार माह में ही करीब 26 करोड़ रुपए के एंटी वेनम इंजेक्शन खरीद डाले हैं।
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Jul 27, 2026
Snake Bite Medicine Supply
सर्पदंश की दवा में 26 करोड़ का खेल (फोटो सोर्स- पत्रिका)

रायपुर@पीलूराम साहू। Snake Bite Cases in Chhattisgarh: छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेस कॉर्पोरेशन लिमिटेड (सीजीएमएससी) द्वारा एंटी वेनम (सर्पदंश रोधी) इंजेक्शनों की खरीदी में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी के संकेत मिल रहे हैं। 'पत्रिका एक्सपोज' में खुलासा हुआ है कि सीजीएमएससी ने बीते तीन साल चार माह में ही करीब 26 करोड़ रुपए के एंटी वेनम इंजेक्शन खरीद डाले हैं। अकेले वर्ष 2023-24 में 17 करोड़ रुपए के इंजेक्शन खरीदे गए। ताज्जुब की बात यह है कि सर्पदंश के दर्ज मामलों और मौतों की तुलना में खरीदी का यह आंकड़ा बेहद चौंकाने वाला है।

अस्पतालों को अब तक 75682 इंजेक्शन दिए जा चुके हैं, जबकि 15280 वाइल जांच के बाद सप्लाई के लिए तैयार रखी गई हैं। चालू वित्तीय वर्ष (अप्रैल से जुलाई) में ही 3.5 करोड़ रुपए के इंजेक्शन खरीदे जा चुके हैं। कॉर्पोरेशन का दावा है कि सभी जिला व सामुदायिक अस्पतालों में इंजेक्शन का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है।

सरकारी मुआवजे को हड़पने का खेल

विधानसभा में पेश आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश में बिलासपुर जिले में 431 मौतों की जानकारी सामने आई थी, जो विवादों में घिर गई। जांच में खुलासा हुआ कि डॉक्टरों और वकीलों की मिलीभगत से सामान्य मौतों को सर्पदंश बताकर सरकारी मुआवजे की राशि हड़पी गई। इस मामले में डॉक्टरों व वकीलों की गिरफ्तारियां भी हो चुकी हैं। वहीं, जशपुर में तीन साल में 96 और रायगढ़ में साढ़े तीन साल के भीतर 638 लोग सर्पदंश के शिकार हुए हैं।

झाड़-फूंक बना रही जानलेवा

विशेषज्ञों के अनुसार, बारिश के मौसम में खेती-किसानी के दौरान सर्पदंश के मामले 90 फीसदी तक बढ़ जाते हैं। हालांकि, पीड़ित को तुरंत अस्पताल ले जाने के बजाय बैगा-गुनिया से झाड़-फूंक कराने की प्रवृत्ति मौत का मुख्य कारण बन रही है। समय पर सही इलाज मिलने से मरीज की जान आसानी से बचाई जा सकती है।

विधानसभा में पेश सर्पदंश के आंकड़े

  • वर्ष - दर्ज मामले - दर्ज मौतें
  • 2023 - 8644 - 118
  • 2024 - 8645 - 153
  • 2025 - 9603 - 65
  • 2026 - (जुलाई तक) 1858 - 09
  • (नोट: ये केवल सरकारी अस्पतालों में दर्ज मामले व मौतें हैं)

कब कितने के खरीदे गए इंजेक्शन

  • 2023-24: ₹17 करोड़
  • 2024-25: ₹5.5 करोड़
  • 2025-26: ₹3.5 करोड़ (अब तक)

प्रमुख वेयरहाउसों में स्टॉक की स्थिति

वेयरहाउस - मौजूदा स्टॉक - अस्पतालों को सप्लाई

  • रायपुर - 2497 - 3143
  • कोरबा - 1650 - 3760
  • बिलासपुर - 1080 - 4902
  • रायगढ़ - 822 - 6436
  • जगदलपुर - 510 - 3830
  • जशपुर - 508 - 4404
  • अंबिकापुर - 218 - 14447
  • दंतेवाड़ा - 84 -1825

जिलों व अस्पतालों से मांग के अनुसार एंटी वेनम इंजेक्शन खरीदे जाते हैं। 2023-24 में क्यों ज्यादा इंजेक्शन खरीदे गए, इसमें स्पष्ट रूप से कुछ कहना संभव नहीं है। सीजीएमएससी मांग के अनुसार ही दवा व इंजेक्शन खरीदकर सप्लाई करता है। - रितेश अग्रवाल, एमडी सीजीएमएससी

टॉपिक एक्सपर्ट

जिन लोगों को सर्पदंश के दो घंटे बाद अस्पताल लाया जाता है, ऐसे मामलों में 90 फीसदी मरीजों की जान बचाई गई है। बैगा-गुनिया के चक्कर में न पड़े तो इलाज से जान बचाने में आसानी होती है। अस्पताल में पर्याप्त संख्या में एंटी वेनम उपलब्ध है। - डॉ. योगेंद्र मल्होत्रा, प्रोफेसर मेडिसिन आंबेडकर अस्पताल

Updated on:
27 Jul 2026 11:55 am
Published on:
27 Jul 2026 11:55 am