रायपुर

छत्तीसगढ़ PWD टेंडर घोटाला! ‘लिफाफा मत खोलो’ लिखकर बंटे करोड़ों के ठेके, तत्कालीन SE कुंजाम पर सिंडिकेट चलाने का आरोप

Chhattisgarh Govt Tender: छत्तीसगढ़ के PWD में कथित टेंडर घोटाले को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। आरोप है कि 'लिफाफा मत खोलो' लिखकर ठेकेदारों को करोड़ों रुपये के काम दिलाए गए।
2 min read
Jul 16, 2026
PWD Tender Scam
PWD टेंडरों में करोड़ों के घोटाले का आरोप (photo source- Patrika)

अजय रघुवंशी/PWD Tender Scam: लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) की विद्युत यांत्रिकी शाखा में टेंडर आवंटन में भारी गड़बड़ी और राजस्व को चूना लगाने का एक बड़ा मामला सामने आया है। सूचना के अधिकार (आरटीआई) से मिले दस्तावेजों के अनुसार, वर्ष 2022-23 और 2023-24 के दौरान करीब 4 करोड़ 22 लाख रुपए के 8 अलग-अलग टेंडरों में चहेते ठेकेदारों को फायदा पहुंचाने के लिए नियमों की जमकर धज्जियां उड़ाई गईं। पूरे मामले की लिखित शिकायत राजभवन, मुख्यमंत्री कार्यालय और प्रमुख अभियंता से करते हुए कार्रवाई की मांग की गई है।

Corruption News: ठेकेदारों का सिंडिकेट

पत्रिका के हाथ लगे आधिकारिक और आरटीआई दस्तावेजों के मुताबिक, 8 महत्वपूर्ण टेंडरों में नियमों की जमकर धज्जियां उड़ाई गईं। ठेकेदारों ने एक सुनियोजित सिंडिकेट (कर्टेल) बनाकर विभाग के आला अधिकारियों की साठगांठ से इन कामों को हथियाया। टेंडर प्रक्रिया के दौरान बकायदा लिखित आवेदन दिए गए कि हमारा वित्तीय लिफाफा न खोला जाए। ऐसा इसलिए किया गया ताकि सिंडिकेट के पसंदीदा ठेकेदार को ही न्यूनतम दर पर काम मिल सके और बाकी प्रतिस्पर्धी दौड़ से बाहर हो जाएं।

शिकायत पत्रों में तत्कालीन अधीक्षण अभियंता टीआर कुंजाम को इस सिंडिकेट का मास्टरमाइंड बताया गया है। आरोप है कि कुंजाम ने अपने परिचितों के नाम पर कांट्रेक्टरों की एक फेहरिस्त तैयार कर रखी है, जिन्हें उपकृत किया जाता रहा। इतनी गंभीर अनियमितताओं के बावजूद उन पर कार्रवाई करने के बजाय उन्हें विभाग का मुख्य अभियंता बना दिया गया।

क्या है नियम?

नियमानुसार यदि कोई टेंडरकर्ता 120 दिनों की तय अवधि से पहले अपने प्रस्ताव से पीछे हटता है या लिफाफा न खोलने का आवेदन देता है, तो उसकी अर्नेस्ट मनी डिपॉजिट जब्त कर ली जाती है। बार-बार ऐसा करने पर ठेकेदार का पंजीयन दो वर्ष के लिए निलंबित करने का प्रावधान है। लेकिन इन मामलों में न तो ईएमडी जब्त हुई और न ही किसी पर प्रतिबंध लगा, बल्कि उन्हें राशि लौटाकर वर्क ऑर्डर जारी कर दिए गए।

PWD Tender Irregularities: ये ठेकेदार और कार्य रहे रडार पर

दस्तावेजों के मुताबिक संदीप भोंसले, पी एंड वॉय एसोसिएट, सागर शर्मा, अंकिता इलेक्ट्रिकल्स, भारत कंस्ट्रक्शन, डीएम झा, सुपरटेक सॉल्यूशन्स, पराग इंफ्रा और एनके ट्रेडर्स ने बार-बार वित्तीय लिफाफा न खोलने के आवेदन दिए।

हेराफेरी के शिकार हुए प्रमुख कार्यों में रायपुर सब-डिवीजन का इलेक्ट्रिफिकेशन वर्क (45.04 लाख), कबीर नगर-हीरापुर का डिपॉजिट वर्क (65 लाख), विधानसभा सब-डिवीजन में एचटी-एलटी लाइन शिफ्टिंग (93.36 लाख), और रविशंकर शुक्ल विवि का ऑडियो-वीडियो सिस्टम रिनोवेशन (41.87 लाख) समेत बलौदाबाजार और पंचशील नगर के कुल 8 कार्य शामिल हैं।

मैं इस पूरे मामले की जांच करवाता हूं। इस संबंध में संबंधित अधिकारियों से विस्तृत जानकारी और फाइलें तलब की जाएंगी-मुकेश बंसल, सचिव, लोक निर्माण विभाग

मुझे इस मामले में कुछ नहीं कहना है। आरटीआई से क्या जानकारी मिली है और उसमें क्या दावे हैं, इस पर मैं कोई टिप्पणी नहीं करना चाहता-टी.आर. कुंजाम, मुख्य अभियंता, विद्युत यांत्रिकी मंडल

Updated on:
16 Jul 2026 07:50 am
Published on:
16 Jul 2026 07:50 am