रायपुर

छत्तीसगढ़ में MBBS सीटों में रिकॉर्ड बढ़ोतरी! एक साल में 595 नई सीटें, 6 नए मेडिकल कॉलेज खुले

Chhattisgarh Medical Colleges: छत्तीसगढ़ में मेडिकल शिक्षा को बड़ी मजबूती मिली है। एक साल में MBBS की 595 सीटें बढ़कर 2330 से 2925 हो गई हैं। 5 सरकारी और 1 निजी मेडिकल कॉलेज को मान्यता मिली है।
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Jul 16, 2026
MBBS Seats Increased
एमबीबीएस की सीटों में लंबी छलांग (photo source- AI)

MBBS Seats Increased: प्रदेश में केवल एक साल में एमबीबीएस की 595 सीटें बढ़ गई हैं। यही नहीं 5 सरकारी व एक निजी मेडिकल कॉलेज को मान्यता मिली है। इनमें 350 सीटें मिली हैं। यह बड़ी छलांग है। अब सबसे बड़ी चुनौती क्वालिटी एजुकेशन को बरकरार रखना है। मान्यता के बावजूद सरकारी व निजी कॉलेजों में इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ फैकल्टी की समस्या चर्चा में है।

NMC Approval: इन कॉलेजों को मिली इतनी सीटें

मेडिकल एक्सपर्ट के अनुसार प्रदेश में सीटें तो बढ़ गई हैं, कॉलेज भी बढ़ गए हैं, अब पूरा फोकस क्वालिटी एजुकेशन पर होना चाहिए। क्वालिटी एजुकेशन किस तरह दिया जा सकता है, चिकित्सा शिक्षा विभाग ही नहीं, राज्य शासन के लिए भी बड़ी चुनौती होगी। चालू सत्र के लिए सरकारी मेडिकल कॉलेजों में कवर्धा, जांजगीर-चांपा, मनेंद्रगढ़, गीदम व कुनकुरी को मान्यता मिली है।

वहीं, निजी में बालाजी ग्रुप के एक कॉलेज मां पद्मावती को एमबीबीएस की 100 सीटों की मान्यता मिली है। सरकारी कॉलेजों में 50-50 के हिसाब से 250 सीटों पर पढ़ाई की जाएगी। नेहरू मेडिकल कॉलेज में 20, जगदलपुर में 25, रिम्स में 100, अभिषेक व रावतपुरा कॉलेज में 50-50 सीटें बढ़ी हैं। यानी नए कॉलेजों से 350 सीटें मिली हैं और पुराने कॉलेजों में 245 सीटें बढ़ी हैं। सीटें बढ़ना छात्रों के लिए फायदेमंद तो है, क्योंकि कट ऑफ गिरने से उन्हें प्रवेश लेने में आसानी होगी।

26 साल में 29 गुना बढ़ गई सीटें, कॉलेज 21 गुना

प्रदेश में पिछले 26 सालों में 29 गुना सीटें बढ़ गई हैं। जबकि कॉलेजों की संख्या 21 गुना बढ़ी है। 1 नवंबर 2020 में जब राज्य का गठन हुआ, तब प्रदेश में केवल नेहरू मेडिकल कॉलेज रायपुर प्रदेश का इकलौता मेडिकल कॉलेज था। यहां एमबीबीएस की 100 सीटें थीं। पिछले 26 साल में कॉलेजों की सीटों में महज ढाई गुना वृद्धि हुई और इस साल 250 पहुंची है। पिछले साल की तुलना में प्रदेश में 25.53 फीसदी यानी सीटों में एक चौथाई वृद्धि हुई है। यह बड़ी छलांग है। अगले साल किसी सरकारी कॉलेज खुलने की संभावना तो नहीं है, लेकिन एक निजी कॉलेज खुल सकता है। हालांकि यह अभी पाइपलाइन में है।

देशभर में 823 कॉलेज, सीटों की संख्या 1.37 लाख पहुंची

देशभर में इस सत्र के लिए मेडिकल कॉलेजों की संख्या 823 पहुंच गई है। एमबीबीएस सीटों की संख्या 1 लाख 36 हजार 939 हो गई हैं। इस साल देशभर के कॉलेजों में 9911 सीटें बढ़ाई गई हैं। जबकि नए व पुराने कॉलेज मिलाकर एक लाख 27 हजार 28 सीटें हैं।

MBBS Cut Off Chhattisgarh: क्वालिटी एजुकेशन से समझौता न हो: चंद्राकर

नए मेडिकल कॉलेज खुलना या एमबीबीएस की सीटें बढ़ना अच्छी बात है, लेकिन क्वालिटी एजुकेशन से समझौता नहीं किया जाना चाहिए। अच्छे डॉक्टर बनने के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ टीचिंग स्टाफ भी अनिवार्य है। इसके बिना कोई भी छात्र कुशल डॉक्टर नहीं बन सकता। जहां-जहां इंफ्रास्ट्रक्चर और फैकल्टी की कमी है, उन्हें दूर करने की जरूरत है। खासकर नए व पुराने कॉलेजों में इसकी जरूरत है- डॉ. एके चंद्राकर, रिटायर्ड कुलपति हैल्थ साइंस विवि

फैकल्टी जरूरी: डॉ. नायक

इसमें कोई संदेह नहीं की सीटें बढ़ने के बाद क्वालिटी एजुकेशन को बरकरार रखना प्रदेश के लिए सबसे बड़ी चुनौती है। जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ पर्याप्त फैकल्टी मेडिकल एजुकेशन के लिए जरूरी है। चूंकि नीट यूजी जैसी कड़ी परीक्षा पास कर छात्र आते हैं इसलिए उन्हें गाइड कर व अच्छी शिक्षा देकर अच्छा डॉक्टर बनाया जा सकता है। छात्रों का पूरा फोकस भी पढ़ाई पर होना चाहिए, ताकि वे बेहतर डॉक्टर बन सकें- डॉ. देवेंद्र नायक, चेयरमैन श्री बालाजी मेडिकल कॉलेज

Updated on:
16 Jul 2026 09:30 am
Published on:
16 Jul 2026 09:30 am