
प्रदेश में अब 15 सरकारी मेडिकल कॉलेज (photo source- Patrika)
Chhattisgarh MBBS Seats: प्रदेश के चिकित्सा शिक्षा के इतिहास में पहली बार एक साथ 5 नए सरकारी मेडिकल कॉलेजों को नेशनल मेडिकल कमीशन से मान्यता मिल गई है। नए सत्र (2026-27) से कवर्धा, जांजगीर-चांपा, मनेंद्रगढ़, गीदम और कुनकुरी में एमबीबीएस की 50-50 सीटों पर प्रवेश शुरू होगा। इस तरह प्रदेश में एक साथ 250 सीटें बढ़ गई हैं। इसके अतिरिक्त, दो दिन पहले ही 63 साल पुराने पंडित जवाहर लाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय (रायपुर) में भी 20 सीटें बढ़ाई गई हैं, जिससे वहां कुल सीटें 250 हो गई हैं।
सीटें बढ़ने से इस बार नीट-यूजी का कट-ऑफ मार्क्स गिरेगा, जिसका सीधा लाभ क्वालिफाइड छात्रों को मिलेगा। इन 270 सीटों की बढ़ोतरी के साथ अब प्रदेश में एमबीबीएस की कुल सीटें 2330 से बढ़कर 2600 हो गई हैं। एनएमसी की इस सौगात के बाद राज्य में सरकारी मेडिकल कॉलेजों की संख्या 10 से बढ़कर 15 हो गई है, जबकि निजी कॉलेजों को मिलाकर यह संख्या 20 पहुंच चुकी है।
वर्तमान में केवल सरकारी कॉलेजों में ही एमबीबीएस की सीटें बढ़कर 1680 हो गई हैं। बता दें कि जून में एनएमसी ने कमियों के चलते इन पांचों कॉलेजों के आवेदनों को रिजेक्ट कर दिया था, जिससे चिकित्सा शिक्षा विभाग की किरकिरी हुई थी। इसके बाद राज्य सरकार और आला अधिकारियों ने इसे चुनौती के रूप में लिया और जरूरी कमियों को दूर कर मान्यता हासिल की।
एनएमसी ने 2 जुलाई को प्रदेश के पुराने सभी 10 सरकारी मेडिकल कॉलेजों की 1450 सीटों को नए सत्र के लिए रिन्यू कर दिया था। इसके साथ ही एक नए निजी कॉलेज को भी मान्यता दी गई है, जहां 150 सीटों पर प्रवेश हो सकता है। शेष 4 निजी कॉलेजों की सीटों के रिन्युअल का इंतजार है। संभावना है कि आने वाले दिनों में कुछ और निजी कॉलेजों में सीटें बढ़ेंगी, जिससे प्रदेश में अभी भी लगभग 200 सीटें और बढ़ने की उम्मीद है।
बस्तर संभाग में स्वास्थ्य सुविधाओं का तेजी से विस्तार हो रहा है। साल 2020 तक इस पूरे संभाग में केवल जगदलपुर में ही मेडिकल कॉलेज था। इसके बाद वर्ष 2021-22 में 125 सीटों के साथ कांकेर मेडिकल कॉलेज खुला और अब नए सत्र से गीदम मेडिकल कॉलेज शुरू होने जा रहा है। इसके साथ ही बस्तर संभाग में सरकारी मेडिकल कॉलेजों की संख्या बढ़कर तीन हो जाएगी।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस उपलब्धि को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में स्वास्थ्य और शिक्षा हमारी सबसे बड़ी पूंजी हैं। हमारा लक्ष्य ऐसा समावेशी स्वास्थ्य तंत्र बनाना है, जहां कोई भी युवा डॉक्टर बनने के सपने से वंचित न रहे। उन्होंने नए कॉलेजों की स्वीकृति के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा का आभार व्यक्त किया।
प्रथम वर्ष के कोर विषयों के लिए योग्य फैकल्टी (प्राध्यापकों) की नियुक्ति।
डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ के लिए स्टाफ क्वार्टर की व्यवस्था।
नए सत्र के 50-50 छात्रों के लिए सर्वसुविधायुक्त हॉस्टल का निर्माण व संचालन।
Updated on:
14 Jul 2026, 6:43 AM IST
Published on:
14 Jul 2026, 6:43 AM IST
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.