Road Accident: नए साल के पहले 48 घंटे में राजधानी रायपुर में 90 से अधिक सड़क हादसे सामने आए हैं। आंबेडकर अस्पताल, एम्स और निजी अस्पतालों के ट्रामा सेंटर फुल हो गए हैं।
Road Accident: नए साल के शुरुआती 48 घंटे में राजधानी रायपुर में 90 से ज्यादा रोड एक्सीडेंट हुए। ज्यादातर मामलों में वाहन चालक और उन पर सवार लोग शराब के नशे में थे। केवल दो दिनों में इतने ज्यादा एक्सीडेंट के केस आना डॉक्टरों को भी चौंका रहा है। इनमें सिर में चोट, हाथ-पैर की हड्डी फ्रैक्चर वाले मामले ज्यादा हैं।
आंबेडकर अस्पताल के अलावा एम्स, डीकेएस व निजी अस्पतालों में दो दिन ट्रामा सेंटर के सभी बेड फुल रहे। अभी भी दुर्घटनाओं के मामले अस्पताल आ रहे हैं, लेकिन यह दो दिनों की तुलना में घट गए हैं। शराब का शौक लोगों पर भारी पड़ रहा है। 31 दिसंबर की रात से 2 जनवरी तक केवल आंबेडकर अस्पताल में 24 एक्सीडेंट के केसआए। इतने ही केस एम्स में भी आए।
बाकी मामले निजी अस्पतालों में पहुंचे। कुछ गंभीर मरीजों की मौत भी हुई है। आरटीए यानी रोड ट्रैफिक एक्सीडेंट के केस में न्यूरो सर्जन व ऑर्थोपीडिक सर्जन काफी व्यस्त रहे। डॉक्टरों के अनुसार ज्यादातर मामलों में शराब का सेवन दुर्घटना के प्रमुख कारणों में है। नए साल की शुरुआत में शराब का सेवन बहुत ज्यादा होता रहा है। कई शौकिया तौर पर नया साल मनाने के लिए शराब पीते हैं। डॉक्टर्स ने बताया कि कई हेड इंजुरी के केस काफी गंभीर थे। कुछ मरीज अभी भी बेहोशी की हालत में हैं।
दरअसल ब्रेन में ज्यादा चोट की वजह से उनके स्वास्थ्य में सुधार कम हो रहा है। हड्डी के फ्रैक्चर ऐसे हैं, जिसमें रॉड लगाने से लेकर प्लेट लगाने की जरूरत पड़ी है। इसके अलावा शरीर के कई अंगों यानी मल्टीपल इंजुरी वाले वाले मरीज भी अस्पतालों में भर्ती है। डॉक्टरों के अनुसार लोगों को शराब का सेवन कम करना चाहिए। सावधानी से वाहन चलाने से किसी भी दुर्घटना से बच सकते हैं। इससे न केवल खुद की, बल्कि दूसरों की जान भी बचेगी।
Road Accident: नए साल व होली पर सडक़ दुर्घटनाओं में वृद्धि हो जाती है। दरअसल इस दौरान लोग शराब सेवन ज्यादा करते हैं। डॉक्टरों के अनुसार दोनों त्योहारों में पहले भी सडक़ दुर्घटना अधिक होने के केस आए हैं। एक अनुमान के अनुसार दोनों त्योहारों के समय डेढ़ गुना दुर्घटना बढ़ जाती है। नए साल में लोग घर से बाहर निकलते हैं। ज्यादातर लोगों के पास चारपहिया व दोपहिया होते हैं। वहीं, पब्लिक ट्रांसपोर्ट में यात्रा करने वाले अपेक्षाकृत दुर्घटना का कम शिकार होते हैं।
नए साल में सडक़ दुर्घटनाओं के केस में बढ़ोतरी देखने को मिलती है। दरअसल इन दिनों शराब पीने के कारण ज्यादा सडक़ दुर्घटनाएं हो रही हैं। दोपहिया हो या चारपहिया, इसे चलाते समय शराब का सेवन न करें तो बेहतर है। हड्डियों में फ्रैक्चर के बाद कई लोग दिव्यांग हो जाते हैं। हालांकि एडवांस टेक्निक से अब हड्डियों के ज्यादातर फ्रैक्चर ठीक किए जा रहे हैं— डॉ. सुनील खेमका, डायरेक्टर श्री नारायणा अस्पताल
Road Accident: नए साल में ट्रामा सेंटर पैक रहा। केवल 48 घंटे में 24 केस आना चौंकाने वाला है। सभी मरीजों का बेहतर इलाज किया जा रहा है। घर से निकलने के बाद पार्टी में शराब पीने के बाद सडक़ मार्ग से लौटना दुर्घटना का प्रमुख कारण बन रहा है। विभिन्न केस हेड इंजुरी व मल्टीपल फ्रैक्चर वाले हैं- डॉ. संतोष सोनकर, अधीक्षक आंबेडकर अस्पताल