
रायपुर. संविलियन की घोषणा के बाद भी शिक्षाकर्मी पूरी तरह संतुष्ट नजर नहीं आ रहे हैं। शिक्षाकर्मियों की मांग है कि क्रमोन्नति के आधार पर सातवें वेतनमान का निर्धारण किया जाए। वहीं आठ साल से कम सेवा वाले शिक्षाकर्मियों में भी नाराजगी है। उनका आरोप है कि हर बार समय का बंधन रखकर उनके साथ छलावा हो रहा है। ऐसे शिक्षाकर्मियों ने आने वाले दिनों में आंदोलन की भी घोषणा कर रखी है।
संविलियन की लड़ाई में सबसे महत्वपूर्ण योगदान देने वाले छत्तीसगढ़ शिक्षक पंचायत नगरीय निकाय मोर्चा ने इस फैसले का स्वागत किया है। साथ विसंगतियों को लेकर उनके मन में कई आशंकाएं हैं। मोर्चा की मांग है कि इस विसंगतियों को भी सरकार समय रहते दूर करें।
मोर्चा के पदाधिकारियों की मांग है कि सभी शिक्षाकर्मियो का संविलियन किया जाए और सभी शिक्षाकर्मियो के वेतन का निर्धारण क्रमोन्नत वेतनमान के आधार पर हो। शिक्षाकर्मी वर्ग 3 की वेतन विसंगति को सुधार कर समानुपातिक समकक्ष वेतन, प्रथम नियुक्ति तिथि के 10 वर्ष की सेवा पूर्ण करने पर क्रमोन्नत वेतनमान, संविलियन के बाद प्रथम नियुक्ति तिथि से वरिष्ठता का लाभ जैसी अन्य मांगे शामिल हैं।
23 को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए होगी संविलियन पर चर्चा
मंत्रिपरिषद की बैठक के बाद स्कूल शिक्षा विभाग ने संविलियन के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके लिए लोक शिक्षण संचालनालय 23 जून को प्रदेश के सभी जिला शिक्षा अधिकारियों के साथ वीडियो कांफ्रेसिंग करने जा रही है। इसमें संविलियन पर चर्चा के साथ शिक्षाकर्मियों की वरिष्ठता सूची, सेवा पुस्तिका, गोपनीय चरित्रावली सहित अन्य जानकारियों का ब्यौरा लिया जाएगा। इसके अलावा एजुकेशन पोर्टल में तमाम जानकारी अपडेट करने के निर्देश दिए हैं, ताकि संविलियन की कार्रवाई की जा सके।