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शिक्षाकर्मियों के लिए बड़ी खबर- संविलियन के बाद अब इन 13 हजार पदों पर मिलेगा प्रमोशन

रमन मंत्रिपरिषद की बैठक के बाद शिक्षाकर्मियों के लिए संविलियन के साथ-साथ पदोन्नति का रास्ता भी खुल गया है।
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रायपुर

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Deepak Sahu

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Updated: 19 Jun 2018, 2:03 PM IST

shikshakarmi news

रमन मंत्रिपरिषद की बैठक के बाद शिक्षाकर्मियों के लिए संविलियन के साथ-साथ पदोन्नति का रास्ता भी खुल गया है।

रायपुर . रमन मंत्रिपरिषद की बैठक के बाद शिक्षाकर्मियों के लिए संविलियन के साथ-साथ पदोन्नति का रास्ता भी खुल गया है। बताया जाता है कि स्कूल शिक्षा विभाग की प्राथमिक स्कूलों में प्रधानपाठक के करीब 13 हजार पद और प्राचार्यों के करीब २ हजार पद रिक्त हैं। विभाग ने इन पदों को शिक्षाकर्मियों के माध्यम से भरने की तैयारी शुरू कर दी है। प्रधानपाठक के तीन हजार पदों पर शिक्षाकर्मी वर्ग तीन को पदोन्नति मिल सकती है। वहीं, प्राचार्य का एक हजार पद को शिक्षाकर्मियों के नए कैडर को देने की तैयारी है।

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स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि कैडर अलग होने से ज्यादा परेशानी नहीं होगी। स्कूल शिक्षा विभाग में पहले ही व्याख्याताओं और शिक्षाकर्मियों के पद स्वीकृत है। पंचायत और नगरीय निकायों में भर्ती के समय स्कूल शिक्षा विभाग ही दोनों विभागों को रिक्त पद उपलब्ध करता था। इसके आधार पर पंचायत और नगरीय निकायों में भर्ती की प्रक्रिया होती थी। इस आधार पर आगे भी कोई परेशानी नहीं होगी।

आदिवासी क्षेत्रों के शिक्षकार्मियों का मैदानी क्षेत्र में तबादला मुश्किल होगा। दरअसल, 2015 में आदिम जाति कल्याण विभाग में शिक्षा से जुड़े सेटअप को स्कूल शिक्षा विभाग में मर्ज कर दिया गया था। इस दौरान सेवा शर्तों में बहुत ज्यादा बदलाव नहीं हुआ था। यही वजह है संविलियन के बाद शिक्षाकर्मियों का दो कैडर बनाया गया है। इसमें एक कैडर स्कूल शिक्षा विभाग और दूसरा कैडर आदिम जाति कल्याण विभाग की सेवा शर्तों के मुताबिक काम करेगा। जानकारों का कहना है कि इस स्थिति में आदिवासी क्षेत्रों के शिक्षाकर्मियों का मैदानी क्षेत्र में स्थानांतरण मुश्किल हो जाएगा।

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संविलियन के फैसले के बाद प्रदेशभर के शिक्षाकर्मियों में खुशी का माहौल है। हालांकि, 8 साल की सेवा पूरी नहीं कर पाने वाले शिक्षाकर्मियों में थोड़ी निराशा भी है। शिक्षाकर्मियों के लिए निर्णायक लड़ाई लडऩे वाले छत्तीसगढ़ शिक्षक पंचायत नगरीय निकाय मोर्चा के प्रदेश संचालक संजय शर्मा, वीरेन्द्र दुबे और केदार जैन ने इस फैसले के प्रति सरकार का आभार व्यक्त किया है। साथ ही मोर्चा के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह से मुलाकात कर अस्पष्ट बातों को स्पष्ट करने की मांग भी रखी है। मोर्चा ने एक साथ सभी शिक्षाकर्मियों का संविलियन और सेवा प्रारंभ होने के साथ क्रमोन्नति वेतनमान की बात को प्रमुखता के साथ रखा है।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष धरमलाल कौशिक ने बताया कि संविलियन की मांग पर हमारी सरकार संवेदनशील रही है यही कारण है कि सरकार ने संवेदनशीलता के साथ इस फैसले को लिया है, जिस शिक्षाकर्मियों में हर्ष है।

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष भूपेश बघेल ने बताया कि संविलियन का यह फैसला शिक्षाकर्मियों के संघर्ष की जीत है।