
CG Weather Update: बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र (डिप्रेशन) और उससे संबद्ध द्रोणिका के असर से प्रदेश में मानसूनी बारिश ने एक बार फिर विकराल रूप ले लिया है। मौसम विभाग ने अगले 48 घंटों के दौरान प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में व्यापक बारिश और कई जिलों में भारी से अतिभारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। पिछले 24 घंटों से रायपुर, दुर्ग और बिलासपुर संभाग में रुक-रुककर हो रही मूसलाधार बारिश से नदी-नाले उफान पर आ गए हैं।
रायपुर में 25.7 मिमी पानी गिरा। प्रदेश में अब तक कुल 411.8 मिमी बारिश दर्ज की गई है, जो सामान्य बारिश (519.1 मिमी) की तुलना में 21 फीसदी कम है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इस सिस्टम से बारिश का कोटा पूरा होने की संभावना है।
भिलाई में रायपुर के कमल विहार निवासी टोमेश ध्रुव (22) की अमलेश्वर क्षेत्र के जमराव स्थित खारुन नदी में पिकनिक के दौरान बहने से मौत हो गई। 12 दोस्तों के साथ नहाते समय वह तेज बहाव की चपेट में आ गया था। सोमवार सुबह एसडीआरएफ की टीम ने गहरे पानी से उसका शव बरामद किया। उधर, शिवनाथ नदी में जन्मदिन मनाने के दौरान बहे दूसरे बालक आरव बंजारे (13) का शव भी कोटनी के पास तैरता मिला। इससे पहले साथी रेहान खान (14) का शव रविवार को निकाला गया था।
मानसून के इस सीजन में अब तक प्रदेश में बारिश, बाढ़, वज्रपात और उफनती नदियों-नालों को पार करने के दौरान 38 से अधिक लोगों की असमय मौत हो चुकी है। लगातार हो रही भारी बारिश के बीच सारंगढ़ थाना क्षेत्र के लात नाला में रविवार शाम बड़ा हादसा हो गया। कार समेत बहे व्यवसायी दंपती देवनारायण पटेल और उनकी पत्नी सविता पटेल का 24 घंटे बीत जाने के बाद भी कोई सुराग नहीं मिल सका है।
नाले का तेज बहाव और गहराई रेस्क्यू ऑपरेशन में बड़ी बाधा बन रही है। रायगढ़ और बिलासपुर से आई एसडीआरएफ (SDRF) और बचाव दल दिनभर मशक्कत करते रहे। कलेक्टर पद्मिनी भोई साहू और एसपी सुनील शर्मा ने माधोपाली पहुंचकर घटना का जायजा लिया और सर्च ऑपरेशन तेज करने के निर्देश दिए।
सोमवार को मौसम विभाग और आपदा प्रबंधन विभाग ने अतिभारी बारिश की चेतावनी देने के लिए एक नया प्रयोग किया। प्रदेश के लाखों लोगों के मोबाइल फोन पर अचानक तेज आवाज में इमरजेंसी सायरन बजने लगा। अचानक सायरन की आवाज सुनकर कई लोग घबरा गए और इसे साइबर फ्रॉड का अलार्म समझ बैठे। हालांकि, फोन स्क्रीन पर मैसेज के जरिए स्पष्ट किया गया कि यह मौसम विभाग का गंभीर अलर्ट है। मैसेज में रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग और सरगुजा संभाग के जिलों में अगले तीन घंटों के भीतर भारी से अतिभारी बारिश की चेतावनी दी गई थी।
बारिश का दौर शुरू होते ही प्रदेश में उल्टी-दस्त और जलजनित बीमारियों का प्रकोप बढ़ गया है। बालोद जिले के गुंडरदेही ब्लॉक स्थित मोंगरी गांव में 43 वर्षीय राम्हीन साहू की उल्टी-दस्त के कारण मौत हो गई। महिला को गंभीर स्थिति में बालोद जिला अस्पताल से राजनांदगांव मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया था, जहां उसने दम तोड़ दिया। रायपुर के आंबेडकर अस्पताल, एम्स, जिला अस्पताल और निजी क्लिीनिकों की ओपीडी में भी उल्टी-दस्त के मरीजों की कतारें लग रही हैं।
बरसात अपने साथ हरियाली और खूबसूरत नजारे लाती है, लेकिन थोड़ी सी लापरवाही बड़े हादसे में बदल सकती है। हाल ही में कवर्धा, जशपुर, दुर्ग और सारंगढ़ में लोग उफनते नदी-नालों को पार करने की कोशिश में बहने से बाल-बाल बचे। उफनते रपटों, पुलों या जलप्रपातों पर सेल्फी, वीडियो और रील बनाने के रोमांच में जोखिम न उठाएं। पानी का बहाव जितना दिखता है, उससे कहीं अधिक घातक होता है। वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करें और पुलिस व प्रशासन द्वारा जारी चेतावनियों का कड़ाई से पालन करें।