रायपुर

स्कूल फीस के अलावा 1500 रुपए और! आत्मानंद स्कूलों पर उठे सवाल, DEO बोले- पर्सनल अकाउंट में पैसे लेना गलत

Raipur Atmanand School: छत्तीसगढ़ के स्वामी आत्मानंद स्कूलों में कॉशन मनी और विकास शुल्क के नाम पर 1500 रुपए तक वसूली का मामला सामने आया है। अभिभावकों ने शिक्षकों के निजी खातों में पैसे मंगाने का आरोप लगाया है।
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Sep 25, 2026
CG News
CG News: स्कूल फीस के अलावा 1500 रुपए और(photo-patrika group)

Atmanand School Fee Controversy @Anurag singh: छत्तीसगढ़ के स्वामी आत्मानंद स्कूलों में विद्यार्थियों से स्कूल फीस के अलावा अतिरिक्त राशि लिए जाने का मामला सामने आया है। कुछ स्कूलों में कॉशन मनी और स्कूल विकास शुल्क के नाम पर विद्यार्थियों से करीब 1500 रुपए तक लिए जाने की बात सामने आई है। अभिभावकों का आरोप है कि शुल्क जमा करने के लिए उन्हें स्कैनर भेजकर शिक्षकों के निजी बैंक खातों में राशि ट्रांसफर कराई जा रही है। वहीं, राशि जमा नहीं करने वाले विद्यार्थियों को आगे परेशानी होने की बात कहकर दबाव बनाने का भी आरोप लगाया गया है।

Swami Atmanand School: स्कूल विकास समिति की बैठक में शुल्क तय करने का दावा

स्कूल प्रबंधन की ओर से बताया गया है कि स्कूल विकास शुल्क लेने का निर्णय स्कूल विकास समिति की बैठक में लिया गया है। प्रबंधन का तर्क है कि शासन से मिलने वाली राशि से स्कूल के रोजमर्रा के सभी जरूरी खर्च पूरे नहीं हो पाते। बिजली बिल समेत अन्य आवश्यक खर्चों के लिए अतिरिक्त राशि की जरूरत पड़ती है।

पं. आरडी तिवारी शासकीय अंग्रेजी माध्यम उत्कृष्ट विद्यालय आमापारा के स्कूल विकास समिति के सचिव एवं प्राचार्य राकेश गुप्ता ने बताया कि समिति की बैठक में शुल्क लेने की स्वीकृति दी गई थी और बैठक में सदस्यों के हस्ताक्षर भी हैं। उनके अनुसार, स्कूल में प्रति विद्यार्थी करीब 1000 रुपए लेने का निर्णय किया गया है।

शुल्क नहीं देने पर दबाव बनाने का आरोप

कुछ अभिभावकों ने आरोप लगाया है कि अतिरिक्त राशि जमा नहीं करने वाले विद्यार्थियों से कहा जा रहा है कि आगे क्या होगा, इसकी जानकारी नहीं है, इसलिए शुल्क जल्द जमा करें। इससे विद्यार्थियों और अभिभावकों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है।

अभिभावकों का सवाल है कि यदि यह सरकारी फीस नहीं है तो इसे विद्यार्थियों से किस प्रावधान के तहत लिया जा रहा है। उनका यह भी आरोप है कि स्कूल प्रबंधन से आधिकारिक पत्र मांगे जाने के बावजूद ऐसा कोई पत्र उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है।

स्कैनर भेजकर निजी खाते में राशि लेने का आरोप

मामले में सबसे अहम आरोप यह है कि कुछ शिक्षक विद्यार्थियों को स्कैनर भेजकर अपने पर्सनल बैंक अकाउंट में राशि जमा करा रहे हैं। शिक्षकों की ओर से कथित तौर पर कहा जा रहा है कि प्राचार्य के निर्देश पर राशि ली जा रही है और बाद में इसे स्कूल के लिए ट्रांसफर किया जाना है। हालांकि, जिला शिक्षा अधिकारी ने निजी बैंक खाते में राशि मंगाने को गलत बताया है और कार्रवाई की बात कही है।

आत्मानंद स्कूलों के लिए 5 लाख रुपए का प्रावधान

लोक शिक्षण संचालनालय के एक अधिकारी के अनुसार, आत्मानंद स्कूलों के लिए 5-5 लाख रुपए का प्रावधान है। इसमें से फिलहाल ढाई लाख रुपए जारी किए जा चुके हैं और शेष ढाई लाख रुपए भी जल्द जारी किए जाने की बात कही गई है। अधिकारी के अनुसार, स्कूल शासन की ओर से निर्धारित प्रवेश शुल्क के अलावा कोई अन्य शुल्क नहीं ले सकते। कॉशन मनी और स्कूल विकास शुल्क के संबंध में विभागीय स्तर पर कोई प्रावधान नहीं है।

पर्सनल अकाउंट में पैसे लेना गलत: DEO

रायपुर जिला शिक्षा अधिकारी एमजी सतीश कुमार ने कहा कि स्कूल विकास समिति के निर्णय के बाद आवश्यकता होने पर शुल्क लिए जाने का मामला समिति के स्तर पर देखा जा सकता है। हालांकि, किसी शिक्षक के निजी बैंक खाते में राशि मंगवाना गलत है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में अभी कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई है, लेकिन मामला सामने आने पर कार्रवाई की जाएगी।

Updated on:
25 Sept 2026 11:28 am
Published on:
25 Sept 2026 11:28 am