Online Satta Gang: मुंबई और ओडिशा से सट्टा गिरोह का पर्दाफाश होने के बाद पुलिस के हाथ अब मास्टरमाइंड तक भी पहुंचे गए हैं। पुलिस की स्पेशल टीम ने गुरवार को मुंबई के होटल में छापेमारी कर ऑनलाइन सट्टा गिरोह के मुख्य सरगना बहू खेमानी और उसके सहयोगी को गिरफ्तार कर लिया है।
Babu Khemani Arrest: ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा के लिए कुख्यात बाबू खेमानी को पुलिस ने देर रात मुंबई से गिरफ्तार कर लिया है। उसका भाई करण खेमानी अभी फरार है। आरोपी को फ्लाइट के जरिए रायपुर लाया गया है।
मिली जानकारी के अनुसार, बाबू खेमानी रायपुर का निवासी है और सोशल मीडिया पर खुद को इन्फ्लुएंसर के रूप में प्रस्तुत करता रहा है। जांच एजेंसियों का दावा है कि आईपीएल मैचों के दौरान बड़े पैमाने पर ऑनलाइन सट्टा खिलाने के लिए उसने एक संगठित डिजिटल नेटवर्क तैयार किया था। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, इस नेटवर्क को लेकर जल्द ही बड़ा खुलासा हो सकता है।
शहर के बड़े सटोरियों ने अब खुद की वेबसाइट और मोबाइल ऐप विकसित कर लिए हैं। महादेवबुक और अन्ना रेड्डी की तर्ज पर ये नेटवर्क संचालित किए जा रहे थे। इनके प्रचार के लिए सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसरों की मदद ली जाती थी। इंस्टाग्राम, टेलीग्राम और फेसबुक जैसे प्लेटफॉर्म पर तेजी से प्रचार कर युवाओं को ऑनलाइन बेटिंग के लिए प्रलोभन दिया जाता था। इसके बदले इन्फ्लुएंसरों को मोटी रकम दी जाती थी।
मुंबई और ओडिशा से पकड़े गए करीब 20 सटोरियों ने इस नेटवर्क का खुलासा किया है। आरोपी हर्ष नागदेव ने अपने साथियों के साथ ‘बजरंग ग्रुप’ नाम से एक ऐप तैयार किया था, जिसका संचालन मुंबई से किया जा रहा था। इसके प्रचार के लिए भी कई सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसरों को जोड़ा गया था।
ऑनलाइन क्रिकेट सट्टे के खिलाफ जारी अभियान के तहत गुरुवार को मुंबई और गोवा में छापेमारी की गई, जिसमें कई बड़े सटोरियों को गिरफ्तार किया गया है।
बाबू खेमानी महादेव सिंडिकेट की तर्ज पर ‘3 STUMPS’ नाम से ऑनलाइन वेबसाइट बनाकर आईपीएल मैचों में सट्टा संचालित कर रहा था। 13 अप्रैल को उसके खिलाफ गंज थाने में एफआईआर दर्ज की गई थी, जिसके बाद से वह फरार चल रहा था।
बताया जा रहा है कि बाबू और उसका भाई करण दुबई से जुड़े हुए हैं और उनका अक्सर वहां आना-जाना होता था। पहले दोनों रविभवन क्षेत्र में मोबाइल की दुकान चलाते थे, लेकिन सट्टा कारोबार शुरू करने के बाद दुकान बंद कर दी। इसके बाद वे बड़े पैमाने पर ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा संचालित करने लगे।
मैच के दौरान दोनों पुणे, मुंबई और गोवा जैसे शहरों में रहते थे और मैच खत्म होने के बाद रायपुर लौट आते थे। रायपुर में भी उन्होंने सट्टे का नेटवर्क फैला रखा था। क्राइम ब्रांच ने सबसे पहले उनके कैशियर कमलेश देवांगन को गिरफ्तार किया, जिसके बाद पूरे गिरोह का खुलासा हुआ।
पुलिस ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा से जुड़े पांच बड़े पैनलों को पकड़ चुकी है, लेकिन इनके मास्टरमाइंड अब तक गिरफ्त से बाहर हैं। शहर के मौदहापारा, सरस्वती नगर, रामसागरपारा, तेलीबांधा, शंकर नगर, तिल्दा-नेवरा और लाखेनगर जैसे इलाकों में सक्रिय कई बड़े सटोरिए अभी भी फरार हैं। ये सभी लंबे समय से महादेवबुक ऐप से जुड़े बताए जा रहे हैं।
मुंबई के अलावा पुलिस ने गोवा में भी छापा मारकर एक बड़े सट्टा पैनल का खुलासा किया है। बताया जा रहा है कि इस नेटवर्क का मास्टरमाइंड भी रायपुर से जुड़ा हुआ है। गोवा से पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ जारी है और जल्द ही बड़े खुलासे होने की संभावना है।
रायपुर पुलिस बाबू खेमानी पर पहले भी कार्रवाई कर चुकी है। करीब तीन साल पहले उसके खिलाफ प्रतिबंधात्मक धाराओं के तहत कार्रवाई करते हुए जुर्माना लगाया गया था।
जांच जारी, बड़े खुलासों की उम्मीद
फिलहाल पुलिस और अन्य जांच एजेंसियां पूरे मामले की गहन जांच कर रही हैं। नेटवर्क से जुड़े सभी आरोपियों की भूमिका खंगाली जा रही है और संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है। अधिकारियों का मानना है कि आने वाले दिनों में इस हाई-प्रोफाइल सट्टा मामले में और भी बड़े खुलासे सामने आ सकते हैं।