बहुला चतुर्थी : माताओं और बहनों ने रविवार को बहुला चतुर्थी ं का व्रत रखकर कथा का रसपान किया।
रायपुर. माताओं और बहनों ने रविवार को बहुला चतुर्थी ं का व्रत रखकर कथा का रसपान किया। विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर माताएं संतान के लिए और बहनों ने भाई के लिए लंबी उम्र की कामना की। भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को यह व्रत पूजन किया जाता है। ग्रुप में कविता शुक्ला, ज्योति शुक्ला, श्रद्धा शुक्ला, वर्षा शुक्ला तथा माया तिवारी एवं ममता पांडेय ने बहुला चतुर्थी की पूजा की।
पं. चंद्रभूषण शुक्ला के अनुसार द्वापर युग में भगवान् श्रीहरि ने श्रीकृष्ण रूप में अवतार लेकर ब्रज में अनेक बाल लीलाएं की थीं। इसी प्रसंग में कपिला गाय की कथा है। जिसे माताएं और बहनें कपिला गाय की कथा सुनकर पूजा-अर्चना करती हैं। मान्यता है कि इस व्रत को रखने से संतान के सारे कष्ट दूर हो जाते हैं। यह व्रत नि:संतान को संतान तथा संतान वान को मान-सम्मान एवं ऐश्वर्य प्रदान करने वाला माना जाता है।
कोपलवाणी के बच्चों के लिए प्रार्थना की
ऑल इंडिया ब्राह्मण फ्रंट ने बहुला चौथ का पर्व दिव्यांग बच्चों के बीच कोपलवाणी संस्था में मनाया। संगठन की राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष निवेदिता मिश्रा ने बताया कि सभी बच्चों के कष्ट हरने हेतु भगवान से प्रार्थना करते हुए उन्हें स्नेक्स फल आदि का वितरण किया। राष्ट्रीय उपाध्यक्ष योगेश तिवारी, डॉ. एसके शर्मा, गोपाल मिश्र, ममता मिश्रा, प्रेम मिश्रा, मिनती मिश्रा, माणिक्य, अनमोल, संस्कृति शर्मा शामिल थे।
कमरछठ व्रत पूजा कल
पं. मनोज शुक्ला के अनुसार संतान की लंबी उम्र की कामना के लिए माताओं का सबसे बड़ा व्रत पूजन कमरछठ 5 सितंबर को है। हलषष्ठी तिथि पर निर्जला व्रत रखकर माताएं शाम के पहर सगरी के चारों फूली हुई कांस का मंडप बनाकर कथा सुनेंगी।
और महुआ और बिना हल चले खेत की धान का चावल पसहर का भोग लगाएंगी।