रायपुर

नवा रायपुर में क्यों नहीं बना रहे विधायक कॉलोनी? नकटी गांव विवाद पर दीपक बैज ने CM को लिखा पत्र, की ये मांग

Nakti Village: छत्तीसगढ़ के नकटी गांव में प्रशासन की कार्रवाई का विरोध तेज हो गया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा- विधायक कॉलोनी का निर्माण दूसरी जगह हो सकता था।
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Jul 02, 2026
Nakti Village Bulldozer Action
दीपक बैज का बड़ा बयान (photo source- Patrika)

रायपुर@संतराम साहू। Nakti Village Bulldozer Controversy: राजधानी से लगे नकटी गांव में बुलडोजर कार्रवाई को लेकर सियासत तेज हो गई है। पीसीसी प्रमुख दीपक बैज ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर भाजपा सरकार पर तीखा निशाना साधा। उन्होंने कहा कि नकटी गांव में बनने वाली विधायक कॉलोनी सभी विधायकों को नहीं लेनी चाहिए। कांग्रेस विधायकों ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर इस पर अपनी असहमति जताई है।

ग्रामवासी अपने मकान बचाने के लिए रोते-बिलखते रहे

बैज ने भाजपा विधायकों से भी अपील की कि वे मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर विधायक कॉलोनी अन्य जगह बनाने की मांग करें। बैज ने बताया कि नकटी गांव में लोग 30-40 साल से रह रहे थे। 29 जून को प्रशासन ने करीब 85 पीएम आवास और इंदिरा आवास सहित घरों को बुलडोजर चलाकर तोड़ दिया। उन्होंने कहा कि ग्रामवासी अपने मकान बचाने के लिए रोते-बिलखते रहे, लेकिन प्रशासन ने उनके घर ध्वस्त कर दिए।

नवा रायपुर में क्यों नहीं बना रहे विधायक कॉलोनी

बैज ने सवाल उठाया कि क्या सरकार के पास जगह की कमी है, जबकि नवा रायपुर में पर्याप्त जगह है, जहां कॉलोनी बनाई जा सकती थी। उन्होंने कहा कि बारिश से पहले गरीब परिवारों को बेघर कर दिया गया और पुनर्वास से पहले उनसे बातचीत नहीं की गई। पुनर्वास में मिले मकानों में बिजली-पानी जैसी बुनियादी सुविधाएं भी नहीं हैं और उनके भुगतान का मुद्दा भी अनसुलझा है।

दीपक बैज ने कहा कि किसी गरीब का घर तोड़कर विधायक कॉलोनी बनाना अस्वीकार्य है। उन्होंने बताया कि कांग्रेस विधायक चातुरी नंद और जनक ध्रुव ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है कि उन्हें गरीबों का आशियाना उजाड़कर अपना घर बनाना नहीं चाहिए। बैज ने भाजपा विधायकों और सांसदों पर ग्रामीणों को गुमराह करने का आरोप भी लगाया। कांग्रेस पार्टी ने सरकार से माफी मांगने, मुआवजा देने और उसी जगह पर नए आवास बनाकर देने की मांग की है।

मकानों का पूरा मुआवजा मिले: बघेल

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आरोप लगाया है कि प्रशासन ने गरीब परिवारों के घरों को तोड़ा है, जबकि प्रभावशाली लोगों के मकानों पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। बघेल ने मांग की कि जिन लोगों के घर तोड़े गए हैं, उन्हें मकानों का पूरा मुआवजा दिया जाए। साथ ही प्रभावित परिवारों की आजीविका के नुकसान की भी भरपाई की जाए। उन्होंने कहा कि प्रशासन को पहले प्रभावित लोगों के पुनर्वास की व्यवस्था करनी चाहिए थी और उसके बाद ही किसी तरह की कार्रवाई करनी चाहिए थी।

बघेल ने आरोप लगाया कि सरकार ने गरीबों पर बुलडोजर चलाकर अपनी ताकत दिखाने का प्रयास किया है। बघेल ने भाजपा नेताओं बृजमोहन अग्रवाल और अनुज शर्मा का नाम लेते हुए कहा कि वह पहल करते तो किसी का घर नहीं टूटता। उन्होंने कहा कि गांव के आसपास मौजूद सभी अवैध कब्जों पर भी समान रूप से कार्रवाई की जाए।

Published on:
02 Jul 2026 10:40 am