
Bank Account KYC Update: छत्तीसगढ़ में अब बैंकिंग सुविधाओं और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ लेने के लिए लोगों को दूर-दराज के बैंकों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। केंद्र सरकार की पहल पर प्रदेश में विशेष वित्तीय समावेशन अभियान शुरू किया जा रहा है। इसके तहत हर ग्राम पंचायत और नगरीय निकाय में विशेष शिविर लगाए जाएंगे। अभियान 31 दिसंबर तक चलेगा। इन शिविरों के माध्यम से लोगों को बैंक खाते खुलवाने, निष्क्रिय खातों को दोबारा चालू कराने, केवाईसी अपडेट कराने और बीमा व पेंशन योजनाओं से जुड़ने की सुविधा मिलेगी।
इस अभियान का उद्देश्य अधिक से अधिक पात्र लोगों को बैंकिंग व्यवस्था और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जोड़ना है। खासकर ऐसे लोगों को प्राथमिकता दी जाएगी, जो अब तक इन सुविधाओं का लाभ नहीं ले पाए हैं या जिनके बैंक खाते लंबे समय से निष्क्रिय हैं।
विशेष वित्तीय समावेशन अभियान के तहत पात्र हितग्राहियों को केंद्र सरकार की प्रमुख वित्तीय और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जोड़ने के लिए पंजीयन किया जाएगा। इसमें प्रधानमंत्री जनधन योजना, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना और अटल पेंशन योजना शामिल हैं। शिविरों में नए बैंक खाते खुलवाने के साथ ही लंबे समय से निष्क्रिय पड़े खातों को दोबारा चालू कराने की सुविधा भी मिलेगी।
इससे उन लोगों को राहत मिल सकती है, जो बैंकिंग सेवाओं से जुड़ने या अपने खाते का संचालन शुरू करने में परेशानी का सामना कर रहे हैं। अभियान के दौरान पात्र हितग्राहियों को संबंधित योजनाओं की जानकारी देकर पंजीयन की प्रक्रिया पूरी कराने पर जोर रहेगा। हालांकि, प्रत्येक योजना का लाभ उसके निर्धारित पात्रता नियमों के अनुसार ही मिलेगा।
अभियान में विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों (PVTG) के परिवारों को बैंकिंग व्यवस्था से जोड़ने पर भी ध्यान दिया जाएगा। दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले ऐसे परिवारों तक बैंकिंग सेवाएं और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की जानकारी पहुंचाना अभियान का महत्वपूर्ण उद्देश्य होगा। ग्राम पंचायत स्तर पर शिविर आयोजित होने से ग्रामीणों को बैंकिंग सुविधाओं के लिए दूर जाने की जरूरत कम हो सकती है। साथ ही, पात्र लोगों को सरकारी योजनाओं में पंजीयन कराने और अपने बैंक खातों से जुड़ी समस्याओं का समाधान कराने का अवसर मिलेगा।
विशेष शिविरों में केवल नए खाते खोलने और योजनाओं में पंजीयन तक ही काम सीमित नहीं रहेगा। लोग अपने बैंक खातों की पुनः केवाईसी भी करा सकेंगे। इसके अलावा बैंक खाते से आधार जोड़ने और केंद्रीय केवाईसी पहचान संख्या (CKYC) बनवाने की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी। खाताधारक अपने खाते में नॉमिनी से संबंधित जानकारी भी अपडेट करा सकेंगे।
इससे बैंकिंग रिकॉर्ड को अद्यतन रखने में मदद मिलेगी और खाताधारकों को जरूरी औपचारिकताएं पूरी करने का अवसर मिलेगा। जिन लोगों के बैंक खातों की केवाईसी लंबित है, वे शिविरों में जाकर संबंधित बैंक से प्रक्रिया और जरूरी दस्तावेजों की जानकारी ले सकेंगे।
आज के समय में डिजिटल बैंकिंग के बढ़ते इस्तेमाल के साथ साइबर धोखाधड़ी के मामले भी चिंता का विषय हैं। इसे ध्यान में रखते हुए अभियान के तहत लोगों को सुरक्षित डिजिटल लेनदेन के तरीकों की जानकारी दी जाएगी। शिविरों में साइबर ठगी से बचने, बैंकिंग जानकारी सुरक्षित रखने और डिजिटल भुगतान करते समय सावधानी बरतने के उपाय बताए जाएंगे। इसका उद्देश्य लोगों को बैंकिंग सेवाओं का सुरक्षित तरीके से इस्तेमाल करने के प्रति जागरूक करना है।
विशेष वित्तीय समावेशन अभियान को जिला प्रशासन और विभिन्न बैंकों के समन्वय से संचालित किया जाएगा। ग्राम पंचायतों और नगरीय निकायों में आयोजित होने वाले शिविरों के माध्यम से पात्र लोगों तक बैंकिंग सेवाएं पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा। अभियान के दौरान बीमा योजनाओं में पंजीयन और प्रीमियम कटौती से पहले हितग्राहियों की स्पष्ट सहमति लेना अनिवार्य होगा। इसलिए लोगों को किसी भी योजना में शामिल होने से पहले उसकी शर्तों, प्रीमियम और उपलब्ध लाभों की जानकारी समझने के बाद ही सहमति देनी चाहिए।
प्रदेश में यह अभियान 31 दिसंबर तक चलाया जाएगा। इस दौरान लोग अपने नजदीकी ग्राम पंचायत या नगरीय निकाय में आयोजित शिविरों के बारे में जानकारी लेकर बैंकिंग सुविधाओं का लाभ उठा सकेंगे। नए खाते खुलवाने, निष्क्रिय खाते चालू कराने, केवाईसी अपडेट करने और बीमा-पेंशन योजनाओं में पंजीयन कराने के इच्छुक पात्र हितग्राहियों के लिए यह अभियान उपयोगी हो सकता है। शिविरों के जरिए बैंकिंग सेवाओं को लोगों के करीब पहुंचाने और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के दायरे को बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा।