CG News: कई चोर गिरोह के सदस्य फेरीवाला बनकर सक्रिय रहते हैं। फेरी वाला बनकर कॉलोनियों में घूमते हैं। इस दौरान सूने मकानों की रेकी करते हैं। इसके बाद चोरी की वारदात को अंजाम देते हैं।
CG News: त्यौहारी सीजन शुरू होते ही शहर में फेरी लगाकर सामान बेचने वालों की संख्या अचानक बढ़ जाती है। इस बार भी गणेशोत्सव शुरू होते ही शहर के अलग-अलग हिस्सों में फेरी लगाने वाले नजर आने लगे हैं। इसकी जानकारी मिलते ही क्राइम ब्रांच की टीम ने फेरी वालों को वेरीफिकेशन शुरू कर दिया है। उन्हें बुलाकर उनके पहचान संबंधित दस्तावेज लिए जा रहे हैं।
इसके अलावा शहर में किस होटल-लॉज में ठहरे हैं, स्थानीय रिश्तेदार या पहचान वालों की जानकारी ली जा रही है। इसके अलावा जहां के रहने वाले हैं, वहां के थानों से अपराधिक रिकार्ड पता किया जा रहा है। रविवार को भी क्राइम ब्रांच के ऑफिस में फेरी लगाकर सामान बेचने वालों की लंबी लाइन लगी थी। 100 से अधिक लोगों से पूछताछ की गई है।
कई चोर गिरोह के सदस्य फेरीवाला बनकर सक्रिय रहते हैं। फेरी वाला बनकर कॉलोनियों में घूमते हैं। इस दौरान सूने मकानों की रेकी करते हैं। इसके बाद चोरी की वारदात को अंजाम देते हैं। हालांकि कवर्ड कैंपस वाली कॉलोनियों में फेरी वाले बहुत कम जा पाते हैं। बिना सुरक्षा वाली कॉलोनियों में ये बेफिक्र होकर घूमते हैं। इस तरह रेकी करके कई चोरियां पहले भी हो चुकी है।
रायपुर में अधिकांश फेरी वाले पश्चिम बंगाल, उत्तरप्रदेश, झारखंड, बिहार, मध्यप्रदेश, ओडिशा, महाराष्ट्र के होते हैं। ये कपड़े, बर्तन, झाड़ू, चटाई, डेली उपयोग की चीजों के अलावा इलेक्ट्रानिक्स आइटम भी लेकर घूमते हैं। सस्ते में सामान देने का दावा भी करते हैं।