
धार्मिक या सामाजिक कार्यक्रम में अधिक आवाज में डीजे बजने का स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ रहा है। इसके चलते गणोशोत्सव में डीजे बजाने वालों की जिला प्रशासन ने बैठक ली। डीजे संचालकों को चेतावनी दी गई कि रात 10 बजे के बाद डीजे नहीं बजाएंगे। आवाज भी 55 डेसीबल से ज्यादा नहीं होनी चाहिए। इससे अधिक आवाज होने पर कार्रवाई की जाएगी।
पहले चेतावनी दी जाएगी। इसके बाद भी नहीं मानने वालों के डीजे जब्त किए जाएंगे। बुधवार को अपर कलेक्टर देवेंद्र पटेल और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक लखन पटले ने डीजे संचालकों की बैठक ली। (Ganeshotsav 2024) इस दौरान उन्होंने कहा कि तेज आवाज में डीजे बजाने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। दूसरी बार नियम विरूद्ध तरीके से डीजे बजाते पकड़े जाने पर डीजे सामाग्री को जब्त किया जाएगा।
आवासीय क्षेत्रों में 55 डेसीबल से अधिक आवाज में डीजे बजाने पर कार्रवाई की जाएगी। गाड़ी का स्वरूप बदलकर डीजे लगाने और बड़ी गाड़ी में डीजे लगाने वालों पर कार्रवाई की जाएगी। उल्लेखनीय है कि अधिक आवाज में डीजे बजाने से बुजुर्गों, बीमार और बच्चों के हार्ट में बुरा असर पड़ता है। हार्ट बीट बढ़ जाती है। इससे कई बार उनकी हालत बिगड़ जाती है। कई बार जान का खतरा भी रहता है।
हाईकोर्ट ने डीजे के इस्तेमाल रोकने और बजाने वालों पर सख्त कार्रवाई के आदेश दिए हैं। (Ganeshotsav 2024) इसका पालन नहीं कराने पर कई बार अधिकारियों से जवाब-तलब किया गया है। उन्हें फटकार भी लगाई गई है।
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Published on:
05 Sept 2024 12:11 pm
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