रायपुर

Chhattisgarh Politics: बस्तर पर अमित शाह के बयान पर भूपेश बघेल का पलटवार, बोले- ‘यह सिर्फ झूठ का पुलिंदा’

Bhupesh Baghel latest statement: भूपेश बघेल ने अमित शाह के बस्तर और नक्सलवाद पर दिए बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि केंद्र सरकार पहले कांग्रेस सरकार के कामकाज की तारीफ करती थी, अब श्रेय लेने की राजनीति हो रही है।

3 min read
May 20, 2026
भूपेश बघेल ने अमित शाह पर साधा निशाना (photo source- Patrika)

Chhattisgarh Politics: छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के हालिया बस्तर दौरे और नक्सलवाद पर दिए गए बयानों को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी है। बघेल ने कहा कि बस्तर में नक्सलवाद कम करने और विकास को गति देने का काम कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में ही शुरू हो गया था, जिसकी तारीफ खुद केंद्र सरकार ने कई बैठकों में की थी। उन्होंने आरोप लगाया कि आज राजनीतिक श्रेय लेने की कोशिश में तथ्यों को नजरअंदाज किया जा रहा है।

ये भी पढ़ें

अमित शाह का बड़ा ऐलान! बस्तर के हर आदिवासी को मिलेगी गाय-भैंस, बनेगा डेयरी नेटवर्क

Chhattisgarh Politics: “कांग्रेस सरकार में ही बदली थी बस्तर की तस्वीर”

भूपेश बघेल ने कहा कि कांग्रेस सरकार के दौरान बस्तर में सुरक्षा बलों के कैंप खोलने, सड़कों के निर्माण और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार पर लगातार काम किया गया। इसका असर यह हुआ कि कई नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में हालात तेजी से सुधरे और बस्तर की तस्वीर बदलने लगी। उन्होंने कहा कि 2009 में वामपंथी उग्रवाद से 1005 लोगों की मौत हुई थी, जबकि 2021 तक यह संख्या घटकर 147 रह गई। पुलिस थानों पर नक्सली हमलों की घटनाएं भी 96 से घटकर 46 रह गई थीं, जो यह साबित करता है कि हालात पहले से बेहतर हो चुके थे।

“अमित शाह को दी गई अधूरी जानकारी”

पूर्व मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि केंद्रीय गृह मंत्री को राज्य सरकार और उनके मंत्रालय ने पूरी जानकारी नहीं दी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस शासन के दौरान ही बस्तर के कोंडागांव जिले और करीब 600 गांवों को नक्सल मुक्त घोषित किया जा चुका था। बघेल ने कहा कि अमित शाह ने अपने बयान में स्कूल बंद होने की बात कही, लेकिन यह नहीं बताया कि भाजपा शासन के दौरान 400 स्कूल बंद हुए थे। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस सरकार ने इनमें से 275 स्कूल दोबारा शुरू कराए थे।

स्कूल बंद करने के फैसले पर भी उठाए सवाल

भूपेश बघेल ने कहा कि मौजूदा सरकार राज्यभर में 10,463 स्कूल बंद करने का निर्णय ले चुकी है, जिनमें से 1,163 स्कूल बस्तर संभाग के हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि जब सरकार स्कूल बंद कर रही है, तो शिक्षा सुधार की बात कैसे की जा सकती है।

राशन और आरक्षण पर भी सरकार को घेरा

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर संभाग में 2023 के अंत तक 1,538 राशन दुकानें संचालित थीं और हर महीने 21,200 मीट्रिक टन चावल का वितरण किया जा रहा था। उन्होंने कहा कि राज्य में पहले से ही अंत्योदय योजना के तहत प्रति परिवार 35 किलो चावल दिया जा रहा था, इसलिए “7 किलो चावल” की घोषणा भ्रामक है। आरक्षण के मुद्दे पर भी उन्होंने कहा कि राज्य में आदिवासियों को पहले से 32 प्रतिशत आरक्षण सरकारी नौकरियों में मिलता है और जिला स्तर पर यह 50 प्रतिशत तक है।

Chhattisgarh Politics: वनाधिकार और आदिवासी हितों का भी जिक्र

भूपेश बघेल ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने अपने पांच साल के कार्यकाल में 4.57 लाख व्यक्तिगत वनाधिकार पट्टे और 46 हजार सामुदायिक वनाधिकार पट्टे वितरित किए, जिससे आदिवासी समुदाय को बड़ा लाभ मिला। पूर्व मुख्यमंत्री ने भाजपा के 15 साल के शासनकाल पर भी हमला बोला। उन्होंने कहा कि उस दौरान नक्सलवाद से लड़ाई गलत तरीके से लड़ी गई, जिससे हजारों आदिवासियों को परेशानी झेलनी पड़ी।

कई गांव खाली करवाए गए, फर्जी एनकाउंटर हुए और निर्दोष लोगों को झूठे मामलों में जेल भेजा गया। उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा शासन के दौरान ही बड़े नक्सली हमलों में कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं की जान गई, लेकिन उन घटनाओं की निष्पक्ष जांच नहीं कराई गई।

“श्रेय लें, लेकिन सच्चाई न छुपाएं”

भूपेश बघेल ने कहा कि बस्तर से नक्सल समस्या खत्म होना सभी का सपना रहा है और इसका स्वागत होना चाहिए, लेकिन किसी भी सरकार को पूरा श्रेय लेने के लिए पिछली सरकारों के योगदान को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा, “केंद्रीय गृह मंत्री को श्रेय लेने में कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन कांग्रेस सरकार के कंधे पर पैर रखकर ऊंचा दिखने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। साथ ही राज्य सरकार को भी उन्हें अधूरी जानकारी देकर अंधेरे में नहीं रखना चाहिए।”

Published on:
20 May 2026 06:51 pm
Also Read
View All