
BJP Reaction on Bhupesh Baghel Statement: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बयान पर भाजपा ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। भाजपा की राज्यसभा सांसद लक्ष्मी वर्मा ने कहा कि भूपेश बघेल को अपने बयान के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व मुख्यमंत्री लगातार भाषा की मर्यादा खो रहे हैं और उनके बयान राजनीतिक हताशा को दर्शाते हैं। लक्ष्मी वर्मा ने कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाओं और संवैधानिक पदों का सम्मान सभी जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी है तथा राजनीतिक मतभेद के बावजूद मर्यादित भाषा का प्रयोग होना चाहिए।
सांसद लक्ष्मी वर्मा ने कहा कि भूपेश बघेल हर मोर्चे पर असफल होने के बाद विचलित नजर आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनके बयान उनकी भाषा की गरिमा और व्यक्तिगत संस्कार को प्रदर्शित करते हैं। लोकतांत्रिक राजनीति में इस तरह की भाषा का प्रयोग उचित नहीं माना जा सकता। उन्होंने कहा कि किसी भी राजनीतिक मतभेद के बावजूद सार्वजनिक जीवन में शालीनता और संयम बनाए रखना आवश्यक है। प्रधानमंत्री जैसे संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति के लिए इस प्रकार की टिप्पणी स्वीकार्य नहीं है।
लक्ष्मी वर्मा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के भीतर भूपेश बघेल की स्थिति पहले जैसी नहीं रही है। उनके अनुसार, पार्टी में अलग-अलग गुट सक्रिय हैं और ऐसे माहौल में भूपेश बघेल खुद को फिर से स्थापित करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के अंदरूनी मतभेद अब सार्वजनिक रूप से दिखाई देने लगे हैं और पार्टी के कई नेता भी उनके बयानों का समर्थन नहीं कर रहे हैं। ऐसे में वे लगातार विवादित बयान देकर राजनीतिक चर्चा में बने रहने का प्रयास कर रहे हैं।
भाजपा सांसद ने कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाओं और संवैधानिक पदों के प्रति सम्मान बनाए रखना हर जनप्रतिनिधि की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक विरोध अपनी जगह है, लेकिन व्यक्तिगत टिप्पणियां और मर्यादा से बाहर जाकर दिए गए बयान लोकतांत्रिक परंपराओं के अनुरूप नहीं हैं। लक्ष्मी वर्मा ने कहा कि भूपेश बघेल को अपने बयान पर आत्ममंथन करना चाहिए और सार्वजनिक रूप से माफी मांगकर राजनीतिक संवाद की गरिमा बनाए रखने का संदेश देना चाहिए। उन्होंने कहा कि जनता मुद्दों पर राजनीति चाहती है, न कि व्यक्तिगत आरोप-प्रत्यारोप और अमर्यादित भाषा।