रायपुर

छत्तीसगढ़ में डीजल के बहाने यात्रियों से मनमानी वसूली! बस ऑपरेटरों ने खुद ही बढ़ा दिया किराया

Chhattisgarh Bus News: छत्तीसगढ़ में डीजल की बढ़ी कीमतों और मानसून का हवाला देकर निजी बस ऑपरेटर यात्रियों से मनमाना किराया वसूल रहे हैं। आरोप है कि बिना सरकारी मंजूरी किराया बढ़ाया गया है।
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Jul 14, 2026
Bus Ticket Price Hike
बस ऑपरेटरों ने खुद ही बढ़ा दिया किराया (photo source- Patrika)

Bus Ticket Price Hike: डीजल की कीमतों में इजाफा और मानसूनी सीजन की आड़ में बस मालिकों ने खुद ही यात्री बसों का किराया बढ़ा लिया। राज्य सरकार से कई बार मांग करने के बाद भी कोई पहल नहीं करने पर बस मालिक अपने मुताबिक किराया वसूल रहे हैं। वहीं, परिवहन विभाग के अधिकारियों को झांसा देने के लिए ऑनलाइन किराया कम दिखाया जा रहा है।

लेकिन, टिकट बुक करने पर अधिकांश सीटे आरक्षित दिखाई देती है। जबकि बुकिं एजेंट के पास आसानी से सीटें मिल जाती हैं। वहीं, ऑनलाइन बुकिंग करने पर टिकट के अलावा टैक्स और बीमा का अतिरिक्त लिया जाता है। इस तरह का खेल रात के समय लंबी दूरी की यात्री बसों में चल रहा है।

Bus Fare Hike Chhattisgarh: लोकल बसों में वसूली

रायपुर से भिलाई, दुर्ग, सिमगा, धमतरी, गरियाबंद, राजिम, बिलासपुर, भाटापारा के लिए चलने वाली बसों में 10 से 25 रुपए तक किराया बढ़ा दिया गया है। वहीं, यात्रियों को पुरानी टिकट थमाई जा रही है। पूछताछ करने पर नए टिकटों के नहीं छपने और विरोध करने पर बसों से उतार देने तक की धमकी मिलती है।

परमिट नहीं फिर भी बिठाते हैं सवारी

रायपुर से राजनांदगांव तक सीधी बसों का संचालन नहीं होने के बाद भी सवारियों को बैठाया जाता है। इसके बाद दुर्ग से दूसरी बसों में बैठा दिया जाता है। कई बार बसें नहीं होने पर घंटों इंतजार करना पड़ता है। वहीं बसों के मिलने के बाद भी कई बार सवारी का इंतजार में और फुल होने पर सीट नहीं मिलने से खड़े होकर सफर करना पड़ता है।

Bus Fare Increase: महंगाई का हवाला

बस मालिकों का कहना है कि पिछले कई सालों से किराया नहीं बढ़ाया गया है। जबकि पिछले 10 सालों में डीजल और टोल महंगा होने से मेंटेनेंस में इजाफा हुआ है। इसे लेकर कई बार राज्य सरकार और परिवहन विभाग के अधिकारियों को ज्ञापन सौंप चुके हैं। साथ ही किराया बढ़ाने का अनुरोध किया गया है। लेकिन, आज तक कोई पहल नहीं हुई है। बता दें कि बिना आदेश किराया बढ़ाना गैरकानूनी है। लेकिन, फील्ड में आकस्मिक छापेमार चेकिंग नहीं होने से ऑपरेटर खुलकर वसूली कर रहे हैं।

जांच के निर्देश

विभागीय अमले को अभियान चलाकर जांच करने और वसूली करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही बस मालिकों की मांग पर विचार भी किया जा रहा है- डी रविशंकर, अपर परिवहन आयुक्त

Updated on:
14 Jul 2026 10:35 am
Published on:
14 Jul 2026 10:33 am