
रायपुर. केंद्र सरकार अगले 5 वर्षों में देश के 5 करोड़ से अधिक अनुसूचित जाति वर्ग के छात्र-छात्राओं के लिए मैट्रिकोत्तर छात्रवृत्ति (पीएमएस-एससी) योजना शुरू करने जा रही है, जिसे केंद्रीय मंत्रिमंडल की मंजूरी मिल चुकी है। इसका उद्देश्य है कि पैसों के अभाव में इस वर्ग का कोई भी युवा पढ़ाई न छोड़े। उच्च शिक्षा हासिल करें। इसके लिए केंद्र सरकार एक निर्धारित राशि सीधे इन युवाओं के खाते में ट्रांसफर करेगी। प्रदेश में निवासरत इस वर्ग के युवाओं की संख्या काफी अधिक है, जिन्हें इस योजना का लाभ मिलेगा।
रविवार को सांसद सुनील सोनी और भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष नवीन मार्कण्डेय ने पार्टी मुख्यालय में आयोजित प्रेस कांफे्रंस में इस योजना के संबंध में जानकारी दी। सांसद सोनी ने बताया कि केंद्र ने इसके लिए 59,048 करोड़ रुपए के निवेश को स्वीकृति दी है। जिसमें केंद्र सरकार की 35,534 करोड़ रुपए यानी 60 प्रतिशत खर्च करेगी। शेष 40 प्रतिशत राशि राज्य सरकार खर्च करेगी।se
मार्कण्डेय ने बताया कि राज्य में अनुसूचित जाति वर्ग के छात्र-छात्राओं का डाटाबेस तैयार है, कितना है वे इस सवाल का जवाब नहीं दे सके। इन्होंने कहा कि केंद्र की 60 प्रतिशत राशि छात्रों के खाते में आएगी, मगर यह जानकारी नहीं दे सके कि राज्य का 40 प्रतिशत हिस्सा कैसे, कब और किस माध्यम से मिलेगा? मार्कण्डेय ने कहा कि जिस तरह से किसान न्याय योजना के तहत खाते में पैसा पहुंच रहा है, ठीक वैसे ही छात्रों के खाते में छात्रवृत्ति की राशि पहुंचेगी।