* कृषि उद्यमिता (Agricultural entrepreneurship) को बढ़ावा देने केंद्र सरकार की योजना में चयनित स्टार्टअप को "अभिनव" में 5 लाख व "उदभव" में 25 लाख की मिलेगी (financial help) वित्तीय सहायता .
रायपुर। भारत सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय द्वारा नवाचार एवं कृषि उद्यमिता विकास (Innovation and Agricultural entrepreneurship Development) को बढ़ावा देने के लिए इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय को रफ्तार-एग्री बिजनेस इन्क्यूबेशन सेन्टर (Speed-Agri Business Incubation Center) के रूप में चयनित किया गया है। रफ्तार योजना के तहत यह प्रदेश (Chhattisgarh) का एकमात्र कृषि उद्यमिता विकास केन्द्र होगा।
इस केन्द्र के शुरू होने से छत्तीसगढ़ में कृषि के क्षेत्र में नए स्टार्टअप (Satrtup) उद्योग एवं व्यवसाय स्थापित करना आसान होगा। एग्राी बिजनेस इन्क्यूबेशन केन्द्र द्वारा कृषि एवं संबंधित क्षेत्रों में स्टार्टअप उद्योग एवं व्यवसाय स्थापित करने के इच्छुक युवाओं से आवेदन (Application) आमंत्रित किए गए हैं।
मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ. हुलास पाठक ने बताया कि इस केन्द्र के माध्यम से स्टार्टअप की स्थापना के इच्छुक नवाचारी उद्यमियों (Agricultural entrepreneurship) को ढ़ांचागत सुविधाएं, तकनीकी सहयोग एवं मार्गदर्शन, कौशल उन्नयन प्रशिक्षण दिया जाएगा।
नए हितग्राहियों को नए उद्योग-व्यवसाय स्थापित करने में मदद मिलेगी। उन्होंने बताया कि स्टार्टअप (Start up) को बढ़ावा देने के लिए दो कार्यक्रम (Abhinav) अभिनव-2019 एवं (udbhav) उदभव-2019 शुरू किए गए हैं। अभिनव कार्यक्रम के तहत युवाओं से 1 से 20 जुलाई 2019 तक कृषि एवं संबंधित क्षेत्रों में ऐसे नवाचारी विचार (Innovative ideas) आमंत्रित किए गए हैं, जिस पर आधारित स्टार्टअप (Startup) उद्योग शुरू किया जा सकते हैं।
चयनित नवाचारी विचारों के लिए पांच लाख रुपए की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। उदभव के तहत उद्यमियों से 1 से 30 जुलाई 2019 तक प्रस्ताव आमंत्रित किए गए हैं। इसमें चयनित प्रस्तावों के व्यवसायीकरण (Commercialization) के लिए पच्चीस लाख रुपए की वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। आवेदन का प्रारूप एवं विवरण विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर उपलब है।