Assembly Uproar over Opium Cultivation: विधानसभा के बजट सत्र में सोमवार को दुर्ग के समोदा में हो रही अफीम की खेती को लेकर सदन में जमकर हंगामा हुआ। विपक्ष ने काम रोको प्रस्ताव के जरिए चर्चा करने की मांग की।
CG Assembly: विधानसभा के बजट सत्र में सोमवार को दुर्ग के समोदा में हो रही अफीम की खेती को लेकर सदन में जमकर हंगामा हुआ। विपक्ष ने काम रोको प्रस्ताव के जरिए चर्चा करने की मांग की। साथ ही सरकार के संरक्षण में अफीम की खेती कराने का आरोप लगाया। सत्ता पक्ष ने कांग्रेस नेताओं पर सवाल उठाए। कई बार सत्ता और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली।
इस मामले में डिप्टी सीएम व गृहमंत्री विजय शर्मा का वक्तव्य आया। इसके बाद सभापति धरमलाल कौशिक ने विपक्ष के प्रस्ताव को अग्राह्य कर दिया। इससे नाराज विपक्ष के सभी विधायक गर्भगृह में पहुंचकर नारेबाजी करने लगे। इससे वे स्वयंमेव निलंबित हो गए। फिर भी विपक्ष गर्भगृह में बैठकर नारेबाजी करता रहा। इससे सदन की कार्यवाही पांच मिनट के लिए स्थगित करनी पड़ी।
शून्यकाल में नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने स्थगन की सूचना दी। उन्होंने कहा, अफीम की खेती में प्रशासनिक मिलीभगत दिखाई दे रही है। पूरा छत्तीसगढ़ सूखे नशे से बर्बाद हो रहा है। एक तरफ किसानों के धान की खरीदी नहीं की जा रही, दूसरी तरफ अफीम की खेती हो रही है। छत्तीसगढ़ धान के कटोरे के नाम से जाना जाता है, उसे आप लोग 2047 तक अफीम का कटोरा बना देंगे। इसकी स्वतंत्र एजेंसी, सीबीआई या फिर विधायक दल की समिति बनाकर जांच करनी चाहिए।
नेता प्रतिपक्ष की बातों पर विधायक अजय चंद्राकर ने आपत्ति जताई। उन्होंने कहा, मैं तो यही कहूंगा कि इसमें कांग्रेस शामिल है। नेता प्रतिपक्ष ने मुख्यमंत्री का नाम लिया। इसका असली तथ्य कहां है? यह खेती 4 साल से हो रही है और पाटन से इसकी दूरी करीब 40 किलोमीटर है। उन्होंने कहा, कांग्रेस के पूर्व मंत्री के संरक्षण में यह काम हो रहा था। इसे लेकर सदन में शोर-शराबा भी हुआ। विपक्ष ने कहा, जब चंद्राकर को पता था कि 4 साल से खेती हो रही है, तो वह 2 साल तक चुप क्यों थे।
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा, कलेक्टर ने विनायक ताम्रकार को अफीम की खेती करने वाला बताया था, लेकिन एफआईआर में उनके नौकर को मुख्य आरोपी बनाया गया है। ताम्रकार को तीसरे नंबर पर रखा गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि ताम्रकार को सत्ता का संरक्षण है। एफआईआर में रकबा, खसरा और गांव का जिक्र नहीं है। जमीन मालिक का भी जिक्र नहीं है। सरकार किसको बचाना चाह रही है। छत्तीसगढ़ के सभी फार्म हाउस की जांच होनी चाहिए।
डिप्टी सीएम व गृहमंत्री विजय शर्मा ने अपने वक्तव्य में कहा, पुलिस को 6 मार्च को मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई थी। किसी सरपंच से ऐसी सूचना नहीं मिली थी। सूचना मिली थी कि अवैध रूप से समोदा गांव के फार्म हाउस में अफीम की खेती की जा रही है। तत्काल पूरी टीम पहुंची। एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई की गई। दूसरे दिन न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी की मौजूदगी में जब्ती की कार्रवाई की गई। 6 हजार 242 किलोग्राम अफीम जब्त की गई। इसकी कीमत 7.8 करोड़ रुपए है। दोषियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया।
इस मामले में पत्रकारों से चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा, छत्तीसगढ़ में हमारी सरकार बनने के बाद से ही हर प्रकार के अपराधों पर सख्ती से कार्रवाई की जा रही है। मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी हो चुकी है और जांच जारी है। यदि अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।