CG News: जिले के पामेड़ क्षेत्र में केंद्रीय सुरक्षा बलों को जमीन मिलेगी। इसके हस्तांतरित होने पर फोर्स के लिए कैंप बनाया जाएगा।
CG News: छत्तीसगढ़ के रायपुर में नक्सलियों से निपटने के लिए दंतेवाड़ा जिले के पामेड़ क्षेत्र में केंद्रीय सुरक्षा बलों को जमीन मिलेगी। इसके हस्तांतरित होने पर फोर्स के लिए कैंप बनाया जाएगा। नक्सलियों की आमदरत को देखते हुए इसकी तैयारी चल रही है। इसके खुलने से नक्सलियों की गतिविधियों पर नजर रखने में फोर्स को मदद मिलेगी। नक्सल प्रभावित क्षेत्र होने के कारण इस समय वन्यजीव प्रबंधन, सर्वेक्षण करने और निगरानी में करना जोखिमपूर्ण है।
गृह विभाग एवं सीआरपीएफ के अधिकारियों ने आंतरिक सुरक्षा को देखते हुए संवेदनशील बताते हुए सुरक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण बताया है। यहां फोर्स के लिए कैंप बनाने और प्रशिक्षण केंद्र खोलने स्थानीय लोगों में सुरक्षा देने के साथ ही सीआरपीएफ का कैंप बनने के बाद नक्सलियों की आमदरत पर अंकुश लगेगा।
उक्त सभी पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में 9 सितंबर को होने वाली स्टेट वाइल्ड लाइफ बोर्ड 15 वीं बैठक में चर्चा होगी। साथ ही 9 अन्य बिंदुओं पर विचार किया जाएगा। इसमें वन्यजीवों के संरक्षण-संवर्धन, हाथी प्रभावित क्षेत्र की सुरक्षा, अवैध कटाई सहित अन्य विचार किया जाएगा। बैठक में वन मंत्री केदार कश्यप के साथ ही, वन विभाग के सचिव, वन बल प्रमुख, पीसीसीएफ वाइल्ड लाइफ और वन विभाग के अधिकारी शामिल होंगे।
जमीन के लिए वन विभाग को पत्र: केंद्रीय सुरक्षा बल के अधिकारियों द्वारा वन विभाग को 30 जुलाई को एक पत्र लिखा है। इसमें ताड़पाला गांव के पास करीब 700 एकड़ में 650 एकड़ जंगल वारफेयर कॉलेज एवं 50 एकड़ बटालियन कैंपिंग के दिए जाने की मांग की गई है। यह क्षेत्र पामेड़ वन्यजीव अभयारण्य के प्रस्तावित सीमा-युक्तियुक्तकरण में शामिल है। बता दें कि छत्तीसगढ़-आंध्रप्रदेश सीमा से सटे पामेड़ क्षेत्र को सौंपने पर विचार होगा।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने रविवार को चन्द्रग्रहण से पूर्व मुख्यमंत्री निवास में गो-माता को रोटी और गुड़ खिलाया। इस अवसर पर उन्होंने पूरे प्रदेश की सुख-समृद्धि, शांति और कल्याण की कामना की। मुख्यमंत्री ने कहा, गो-सेवा करने से उन्हें आत्मिक संतोष और नई ऊर्जा का अनुभव मिलता है।