
रायपुर@ताबीर हुसैन। CG News: 24 अप्रैल को ‘सीटें आरक्षित, महिलाएं खड़ी’ शीर्षक से प्रकाशित खबर के बाद आरटीओ हरकत में आ गया। समाचार के प्रभाव से कार्यालय परिवहन उड़नदस्ता ने ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए एक ही दिन में 58 यात्री बसों पर मोटर व्हीकल एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज किए।
चेकिंग अभियान के दौरान कुल 50300 रुपए का शुल्क वसूला गया। कार्रवाई की जद में प्रदेश की कई बड़ी बस सेवाएं आईं। अधिकांश बसों पर धारा 194(ए), 9/177 और 78/177 के तहत कार्रवाई हुई जो मुख्य रूप से परमिट उल्लंघन और क्षमता से अधिक यात्रियों को बैठाने से जुड़ी थीं।
जानकारों के मुताबिक, अधिकांश मामलों में 500 से 1000 रुपए तक का जुर्माना लगाया जा रहा है, जो बस संचालकों के लिए ज्यादा मायने नहीं रखता। यही वजह है कि नियमों का उल्लंघन लगातार जारी है।
केशव राजवाड़े, प्रभारी, परिवहन उड़नदस्ता रायपुर के मुताबिक, यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। नियमों का उल्लंघन करने वालों पर आगे भी इसी तरह सख्त कार्रवाई जारी रहेगी, ताकि सडक़ों पर सुरक्षित सफर सुनिश्चित हो सके।
यात्री बसों में सफर बना जानलेवा, क्षमता से अधिक सवारी, नियम सिर्फ बोर्ड तक सीमित- कभी कहा जाता था ‘नीम हकीम खतरा ए जान’, लेकिन अब यह कहावत यात्री बसों पर सटीक बैठती नजर आ रही है। राज्य की सडक़ों पर दौड़ती कई यात्री बसें आज खुद ‘खतरा ए जान’ बन चुकी हैं। रायपुर से विभिन्न मार्गों पर चलने वाली बसों में क्षमता से अधिक सवारियां भरना आम हो गया है। खासकर 5 से 6 घंटे के लंबे रूट पर यह स्थिति ज्यादा गंभीर है, जहां यात्रियों की सुरक्षा से ज्यादा कमाई को तरजीह दी जा रही है… पूरी खबर पढ़े
राजधानी का बस टर्मिनल बदहाल! 5 हजार यात्रियों को रोज झेलनी पड़ रही परेशानी- छत्तीसगढ़ की राजधानी का भाठागांव स्थित इंटर स्टेट बस टर्मिनल (आईएसबीटी) बेहाल है। यहां की जमीनी हकीकत व्यवस्थाओं की पोल खोल रही है। अंतरराज्यीय बस स्टैंड होने के बावजूद यहां बुनियादी सुविधाएं तक दम तोड़ती नजर आ रही हैं। रोजाना करीब 5 हजार यात्रियों की आवाजाही के बावजूद लोगों को पानी, ठंडक और सुरक्षा जैसी मूल सुविधाओं के लिए जूझना पड़ रहा है… पूरी खबर पढ़े