
Chhattisgarh Youth: छत्तीसगढ़ की विष्णु देव साय सरकार ने युवाओं को राज्य के विकास के केंद्र में रखते हुए कौशल विकास, रोजगार, उच्च शिक्षा, उद्यमिता और खेल के क्षेत्र में अवसर बढ़ाने पर जोर दिया है। सरकार के मुताबिक, पिछले करीब तीन वर्षों में युवाओं को सक्षम, रोजगारपरक और आत्मनिर्भर बनाने के लिए कई योजनाएं लागू की गई हैं। इन पहलों का उद्देश्य युवाओं को बदलती अर्थव्यवस्था और रोजगार की जरूरतों के अनुरूप तैयार करना है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि युवा छत्तीसगढ़ की सबसे बड़ी ताकत और भविष्य की उम्मीद हैं। हर युवा को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, कौशल, अवसर और पारदर्शी व्यवस्था उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने युवा सशक्तीकरण को ‘विकसित छत्तीसगढ़’ के विजन का महत्वपूर्ण आधार बताया।
युवा केंद्रित एजेंडे के तहत राज्य में करीब 9 हजार रिक्त सरकारी पदों पर सीधी भर्ती की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। क्लास-3 और क्लास-4 के पदों पर पारदर्शी और समयबद्ध भर्ती के लिए छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल का गठन किया गया है। सरकार का दावा है कि भर्ती प्रक्रिया को व्यवस्थित और पारदर्शी बनाने के लिए संस्थागत स्तर पर जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं, जिससे युवाओं को सरकारी नौकरियों के अवसर मिल सकें।
प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए भी सरकार ने पहल की है। इसके तहत 33 करोड़ रुपए के प्रावधान से NEET, JEE, CLAT, UPSC, CGPSC, बैंकिंग, SSC और रेलवे जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की निःशुल्क कोचिंग उपलब्ध कराई जा रही है। इस पहल का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं को गुणवत्तापूर्ण मार्गदर्शन उपलब्ध कराना है, ताकि उन्हें बेहतर अवसर मिल सकें।
कौशल विकास के क्षेत्र में भी सरकार की ओर से योजनाएं संचालित की जा रही हैं। प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के तहत 26 जिलों में अब तक 18,330 युवाओं को प्रशिक्षण दिया जा चुका है। इसके लिए करीब 29 करोड़ रुपए खर्च किए गए हैं। वहीं, सरकार ने अन्य 35 हजार युवाओं को प्रशिक्षण देने का लक्ष्य रखा है। उद्योगों की मांग के अनुरूप युवाओं को प्रशिक्षण देने के लिए 75 करोड़ रुपए का अतिरिक्त प्रावधान भी किया गया है।
उच्च शिक्षा के क्षेत्र में भी बजट बढ़ाया गया है। सरकार के अनुसार, उच्च शिक्षा के बजट में 50 फीसदी की वृद्धि करते हुए इसे वर्ष 2025-26 में 1,822.75 करोड़ रुपए किया गया है। इसके साथ ही जशपुर, रायपुर, दुर्ग, बलौदाबाजार और रायगढ़ के 5 कॉलेजों को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है।
तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए कवर्धा, जशपुर, रायगढ़ और जगदलपुर में ‘CGIT’ स्थापित किए गए हैं। सरकार की योजना इन संस्थानों का विस्तार रायपुर, बिलासपुर और दुर्ग में भी करने की है। इससे प्रदेश में तकनीकी शिक्षा के अवसर बढ़ाने और युवाओं को आधुनिक रोजगार बाजार की जरूरतों के अनुरूप तैयार करने पर जोर दिया जा रहा है।
सरकार की इन पहलों में एक ओर जहां युवाओं के लिए सरकारी रोजगार के अवसर बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर कौशल प्रशिक्षण और उच्च शिक्षा के जरिए उन्हें निजी क्षेत्र और उद्यमिता के लिए भी तैयार करने की कोशिश की जा रही है। सरकार का फोकस युवाओं को केवल रोजगार तलाशने वाला नहीं, बल्कि कौशल और अवसरों के जरिए आत्मनिर्भर बनाने पर है। युवा सशक्तीकरण को ‘विकसित छत्तीसगढ़’ के लक्ष्य से जोड़ते हुए रोजगार, शिक्षा और कौशल के क्षेत्र में योजनाओं के विस्तार पर जोर दिया जा रहा है।