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PM Kisan: रायपुर में बड़ा फर्जीवाड़ा! 11 हजार से ज्यादा संदिग्ध किसान मिले, 4800 जॉइंट अकाउंट पर रोक

PM Kisan: रायपुर में पीएम किसान योजना के सत्यापन में 11 हजार से ज्यादा संदिग्ध किसान मिले। 4800 जॉइंट अकाउंट पर रोक लगी, 1310 अपात्र और 2000 से अधिक मृत किसानों की आईडी ब्लॉक की गई।
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PM Kisan Scheme

पीएम किसान योजना में बड़ा फर्जीवाड़ा (Photo Patrika)

PM Kisan Scheme: @ हिमांशु शर्मा। रायपुर जिले में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत एक बड़े फर्जीवाड़े का पर्दाफाश हुआ है। विभाग द्वारा कराई गई जांच और भौतिक सत्यापन में 11 हजार से अधिक संदिग्ध किसानों की पहचान की गई है। इनमें से 4800 किसान ऐसे पाए गए हैं, जिनके बैंक खाते जॉइंट (संयुक्त) थे। नियमों के अनुसार, अब योजना का लाभ केवल उन्हीं किसानों को मिलेगा जिनके बैंक खाते सिंगल हैं।

कृषि विभाग के अधिकारी ने कहा

कृषि विभाग के अधिकारियों के अनुसार, जॉइंट अकाउंट होने के कारण योजना की पारदर्शिता प्रभावित हो रही थी। विभाग के कड़े निर्देशों के बाद अब तक लगभग 4 हजार किसानों ने अपने पुराने जॉइंट अकाउंट को बंद कराकर अपने व्यक्तिगत नाम से नया सिंगल अकाउंट खुलवा लिया है। जिनके अकाउंट अभी भी जॉइंट हैं, उनकी अगली किस्तों की राशि को होल्ड कर दिया गया है। सिंगल अकाउंट सक्रिय होने के बाद ही उनके खातों में पैसा भेजा जाएगा।

मृत और अपात्र किसानों के खातों में जा रही थी राशि

जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि जिले के 1310 अपात्र किसानों और 2000 से अधिक मृत किसानों के खातों में नियमित रूप से राशि ट्रांसफर हो रही थी। कोविड काल के दौरान जिन किसानों का निधन हो गया था, उनके परिजनों ने इसकी सूचना विभाग को नहीं दी। इसके चलते मृत किसानों के खातों में हर साल 6000 रुपए (2-2 हजार रुपये की 3 किस्तों में) लगातार भेजे जा रहे थे। विभाग ने तुरंत कार्रवाई करते हुए ऐसे सभी किसान आईडी को ऑनलाइन पोर्टल पर ब्लॉक कर दिया है।

क्या है पीएम किसान सम्मान निधि योजना?

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि भारत सरकार की एक महत्वपूर्ण केंद्रीय योजना है। इसका मुख्य उद्देश्य देश के भूमिधारक किसान परिवारों को कृषि कार्य, खाद-बीज खरीदने और घरेलू जरूरतों को पूरा करने के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करना है। इस योजना के तहत पात्र किसानों के बैंक खातों में डीबीटी के माध्यम से हर वित्तीय वर्ष में 6000 रुपए की राशि 2000 रुपए की तीन समान किस्तों में सीधे भेजी जाती है। रायपुर में सत्यापन प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब केवल वास्तविक और पात्र किसानों को ही इसका लाभ मिलेगा।