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छत्तीसगढ़ के 19,723 गांवों में अब एक क्लिक में मिलेगा भू-नक्शा, 20 हजार से ज्यादा गांवों के खसरे ऑनलाइन

Chhattisgarh land records online: छत्तीसगढ़ के 19,723 गांवों के भू-नक्शे डिजिटल हो चुके हैं। 20,298 गांवों के खसरे ऑनलाइन हैं, अब जमीन से जुड़े रिकॉर्ड एक क्लिक में मिलेंगे।
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रायपुर

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Love Sonkar

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Updated: 7 Sep 2026, 8:58 AM IST

Digital land records

अब एक क्लिक में मिलेगा भू-नक्शा (Photo Patrika)

Digital land records: जमीन-जायदाद से जुड़े दस्तावेजों के लिए पटवारी, तहसील और राजस्व कार्यालयों के चक्कर लगाने का दौर अब तेजी से पीछे छूट रहा है। प्रदेश में राजस्व प्रशासन को डिजिटल करने की मुहिम ने भू-अभिलेखों को नागरिकों की पहुंच में ला दिया है। 20 हजार 298 गांवों के खसरे और 19 हजार 723 गांवों के भू-नक्शों का कंप्यूटरीकरण पूरा हो चुका है। यानी गांव की जमीन का नक्शा अब कागज की फाइलों में ढूंढने के बजाय एक क्लिक पर देखा जा सकता है। डिजिटल इंडिया लैंड रेकॉर्ड मॉडर्नाइजेशन प्रोग्राम के तहत प्रदेश की स्वीकृत 172 तहसीलों में से 158 में मॉडर्न रेकॉर्ड रूम तैयार हो चुके हैं। इससे पुराने और महत्वपूर्ण भू-अभिलेखों को सुरक्षित रखने के साथ उनके खराब होने, फटने या गुम होने की आशंका भी काफी कम हुई है। डिजिटल रेकॉर्ड से जमीन से जुड़े दस्तावेजों की प्रमाणिकता और उपलब्धता दोनों बेहतर हुई हैं।

रजिस्ट्री होते ही नामांतरण की प्रक्रिया शुरू

राजस्व सेवाओं में सबसे बड़ा बदलाव ऑटो नामांतरण व्यवस्था से आया है। वर्ष 2025 से लागू इस व्यवस्था के तहत जमीन की रजिस्ट्री होते ही खरीदार के नाम नामांतरण की प्रक्रिया स्वतः शुरू हो जाती है। प्रदेश के सभी 105 उप-पंजीयक कार्यालय भुईयां पोर्टल से सीधे जुड़े हैं। एनआईसी की ओर से विकसित इस व्यवस्था से ऑफलाइन आवेदन, फाइलों की आवाजाही और नामांतरण के लिए बार-बार कार्यालय जाने की जरूरत कम हुई है।

ऑनलाइन भूमि विवाद की जानकारी

भूमि विवादों के मामलों में भी ई-कोर्ट व्यवस्था लागू की गई है। इससे नागरिकों को राहत मिल रही है। अब भूमि संबंधी विवादों के लिए ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है। आवेदन से लेकर निर्णय तक की स्थिति ऑनलाइन देखी जा सकती है। सुनवाई की अगली तारीख की सूचना भी पक्षकारों को मोबाइल पर एसएमएस के जरिए भेजी जाती है। इससे तारीख की जानकारी के लिए कार्यालयों के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं रह गई है।

डिजिटल किसान ऋण पुस्तिका भी तैयार

किसानों के लिए डिजिटल किसान ऋण पुस्तिका भी भुईयां पोर्टल पर उपलब्ध कराई जा रही है। पटवारी और उप-पंजीयक के डिजिटल हस्ताक्षर वाली यह प्रमाणित पुस्तिका सिस्टम से तैयार होती है। इसे आगे सिविल न्यायालयों से भी जोड़ने की तैयारी है, ताकि किसी जमीन पर न्यायालय से जारी स्थगन या अन्य आदेश की अद्यतन जानकारी भी रिकॉर्ड में पारदर्शी तरीके से दर्ज हो सके।

वाट्सऐप पर खसरा और बी-1

डिजिटल राजस्व सेवाओं का दायरा अब मोबाइल तक पहुंच गया है। खसरा और बी-1 जैसे प्रमुख भू-अभिलेख वाट्सऐप चैटबॉट के जरिए भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इससे खासकर ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को छोटे-छोटे दस्तावेजों के लिए तहसील या पटवारी कार्यालय जाने की जरूरत कम होगी।

नजर में आंकड़े

20,298 गांवों के खसरे कंप्यूटरीकृत
19,723 गांवों के भू-नक्शे डिजिटल
172 स्वीकृत तहसीलें
158 तहसीलों में मॉडर्न रिकॉर्ड रूम
105 उप-पंजीयक कार्यालय भुईयां से जुड़े
2025 से ऑटो नामांतरण व्यवस्था लागू