रायपुर

CGPSC रिजल्ट को लेकर अभ्यर्थियों का फूटा गुस्सा, कहा- फिर से पेपर की हो जांच

CGPSC Result 2025: CGPSC State Service Exam 2025 के मुख्य परीक्षा परिणाम को लेकर अभ्यर्थियों में नाराजगी है। 795 की जगह 608 अभ्यर्थियों के चयन पर सवाल उठाते हुए उम्मीदवारों ने उत्तर पुस्तिकाओं की दोबारा जांच की मांग की।
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Updated: 4 Sep 2026, 10:00 AM IST
CGPSC Updates 2026:
CGPSC Updates 2026: एक महीने से बिना अध्यक्ष के चल रहा CGPSC(photo-patrika)

CGPSC State Service Exam 2025: छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) की राज्य सेवा परीक्षा 2025 की मुख्य परीक्षा का परिणाम जारी होने के बाद अभ्यर्थियों में नाराजगी देखने को मिली। गुरुवार को बड़ी संख्या में अभ्यर्थी नवा रायपुर स्थित आयोग कार्यालय पहुंचे और परिणाम को लेकर सवाल उठाए। अभ्यर्थियों ने आरोप लगाया कि साक्षात्कार के लिए निर्धारित अनुपात के अनुसार 795 अभ्यर्थियों का चयन होना चाहिए था, लेकिन केवल 608 अभ्यर्थियों को चिन्हांकित किया गया है। उन्होंने मुख्य परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं की दोबारा जांच कराने की मांग भी की।

CGPSC Candidates Protest: 31 अगस्त को जारी हुआ था मुख्य परीक्षा का परिणाम

राज्य सेवा परीक्षा 2025 की मुख्य परीक्षा का परिणाम 31 अगस्त को जारी किया गया था। परिणाम सामने आने के बाद अभ्यर्थियों ने साक्षात्कार के लिए चयनित उम्मीदवारों की संख्या को लेकर आपत्ति जताई। अभ्यर्थियों का कहना है कि निर्धारित नियम के अनुसार रिक्त पदों के तीन गुना अभ्यर्थियों को साक्षात्कार के लिए बुलाया जाना चाहिए। उनके मुताबिक 265 पदों के लिए यह संख्या 795 बनती है, जबकि आयोग ने 608 अभ्यर्थियों को ही साक्षात्कार के लिए चिन्हांकित किया है।

अभ्यर्थियों ने उठाया सवाल- क्या प्रदेश में योग्य युवा नहीं?

आयोग कार्यालय पहुंचे अभ्यर्थियों ने मुख्य परीक्षा के मूल्यांकन पर भी सवाल उठाए। उनका कहना है कि यदि साक्षात्कार के लिए निर्धारित संख्या पूरी नहीं हो रही है तो मुख्य परीक्षा के पेपर की दोबारा जांच की जानी चाहिए। एक अभ्यर्थी ने सवाल उठाया कि क्या राज्य में इतने योग्य युवा नहीं हैं, जो निर्धारित संख्या के अनुसार साक्षात्कार के लिए चयनित हो सकें। अभ्यर्थियों ने परिणाम में पारदर्शिता और उत्तर पुस्तिकाओं की दोबारा जांच की मांग की।

CGPSC ने बताया- न्यूनतम अंक हासिल करना अनिवार्य

अभ्यर्थियों की आपत्तियों के बाद CGPSC ने भी इस मामले में स्पष्टीकरण जारी किया है। आयोग के अनुसार राज्य सेवा परीक्षा 2025 के विज्ञापन में स्पष्ट किया गया है कि लिखित परीक्षा के प्रत्येक प्रश्न-पत्र में अनारक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए न्यूनतम 33 प्रतिशत और आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए न्यूनतम 23 प्रतिशत अंक प्राप्त करना अनिवार्य है।

आयोग ने कहा कि निर्धारित न्यूनतम अंक हासिल नहीं करने वाले अभ्यर्थियों की संख्या के कारण साक्षात्कार के लिए चिन्हांकित उम्मीदवारों की संख्या वांछित संख्या से कम हो सकती है। इसी वजह से 795 के बजाय 608 अभ्यर्थी साक्षात्कार के लिए चिन्हांकित किए गए हैं।

पुनर्मूल्यांकन और पुनर्गणना का प्रावधान नहीं

CGPSC ने स्पष्ट किया कि आयोग द्वारा आयोजित परीक्षाओं में पुनर्मूल्यांकन और पुनर्गणना का कोई प्रावधान नहीं है। विज्ञापन की संबंधित कंडिका का हवाला देते हुए आयोग ने कहा कि किसी भी प्रश्नपत्र के संबंध में पुनर्मूल्यांकन या पुनर्गणना की प्रक्रिया नहीं की जा सकती। इसलिए अभ्यर्थियों की ओर से मुख्य परीक्षा के पेपर की दोबारा जांच की मांग पर आयोग ने नियमों का हवाला देते हुए अपनी स्थिति स्पष्ट की है।

वेबसाइट पर मेरिट और कटऑफ की जानकारी होगी उपलब्ध

आयोग ने कहा कि परीक्षा परिणाम जारी होने के बाद प्रारंभिक और मुख्य परीक्षा में अभ्यर्थियों के प्राप्तांकों की मेरिट सूची तथा मुख्य परीक्षा की कटऑफ आयोग की वेबसाइट पर जारी की जाती है। इसके अलावा अभ्यर्थी सूचना के अधिकार (RTI) के तहत अपनी परीक्षा की OMR शीट देखकर प्राप्त अंकों की जानकारी हासिल कर सकते हैं।

प्रश्नवार मूल्यांकन, पहचान पूरी तरह गोपनीय

CGPSC ने मूल्यांकन प्रक्रिया को लेकर भी स्थिति स्पष्ट की। आयोग के अनुसार राज्य सेवा मुख्य परीक्षा में प्रश्नवार मूल्यांकन की प्रक्रिया अपनाई जाती है और यह प्रक्रिया पूरी तरह पहचान रहित होती है। इस व्यवस्था के कारण मूल्यांकन कार्य में शामिल किसी भी व्यक्ति के लिए यह जानना संभव नहीं होता कि संबंधित उत्तर पुस्तिका किस अभ्यर्थी की है। आयोग ने इसे सुरक्षित प्रक्रिया बताते हुए कहा कि मूल्यांकन में गोपनीयता और निष्पक्षता का पूरा ध्यान रखा जाता है।

भ्रामक जानकारी से प्रभावित न होने की अपील

आयोग ने अभ्यर्थियों से अपील की है कि सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से प्रसारित भ्रामक जानकारियों से प्रभावित न हों। आयोग के अनुसार राज्य सेवा मुख्य परीक्षा 2025 के माध्यम से साक्षात्कार के लिए अभ्यर्थियों के चिन्हांकन की प्रक्रिया निर्धारित नियमों और निर्देशों के अनुरूप की गई है। फिलहाल परिणाम और साक्षात्कार के लिए चयनित अभ्यर्थियों की संख्या को लेकर अभ्यर्थियों की आपत्ति सामने आई है, जबकि आयोग ने न्यूनतम अर्हता और परीक्षा नियमों के आधार पर 608 अभ्यर्थियों के चिन्हांकन को उचित बताया है।

Updated on:
4 Sep 2026, 10:00 AM IST
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