विधानसभा चुनाव निपटने के बाद भी यात्री बस और मालवाहक वाहन वापस सडक़ों पर नहीं लौंटेगी
रायपुर . विधानसभा चुनाव निपटने के बाद भी यात्री बस और मालवाहक वाहन वापस सडक़ों पर नहीं लौंटेगी। इसके लिए यात्रियों और वाहन मालिकों को चार दिन और इंतजार करना पड़ेगा। इस समय केंद्रीय सुरक्षाबलों के जवान लगातार जिला मुख्यालयों में लौट रहे हैं।
अंदरूनी इलाकों में तैनात फोर्स को बाहर निकलने में अभी 24 घंटे और लग सकते हैं। मुख्यालय में आमद देने के बाद अधिगृहीत वाहनों से फोर्स को मध्यप्रदेश और तेलंगाना छोड़ा जाएगा। इसके बाद इन वाहनों को मुक्त किया जाएगा। गौरतलब है कि विधानसभा चुनाव के पहले 650 कंपनियों को 65000 जवानों को स्पेशल ट्रेन से लाया गया था। लेकिन, सडक़ मार्गो से उन्हे दूसरे राज्यों में भेजा जाएगा। वह अलग-अलग टुकडिय़ों में गंतव्य स्थान के लिए रवाना हो रहे हैं।
12 हजार वाहनों का अधिगृहण : विधानसभा चुनाव के लिए करीब 12 हजार वाहनों का अधिगृहण किया गया था। इसमें करीब 6 हजार सुरक्षाबलों और 6 हजार मतदान दलों को आबंटित किया गया था। मतदान समाप्ती के तुरंत बाद कर्मचारी इवीएम मशीनों के साथ लौट आए है। लेकिन, केंद्रीय फोर्स अब भी वापसी के आदेश का इंतजार कर रही है। इसमें से कुछ कंपनियों को स्ट्रांग रूम की सुरक्षा और तेंलगाना और मप्र में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए तैनात किया जाना है। ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव के लिए 1 लाख 80 हजार जवानों को तैनात किया गया था। इसमें 1 लाख सीआरपीएफ, आएएफ के साथ ही तेलंगाना और महाराष्ट्र नगर सेना के जवान शामिल थे।
फोर्स ने बनाया था बंधक
राज्य में 2013 में हुए विधानसभा चुनाव के बाद फोर्स ने वाहनों के साथ ही चालकों को रोक लिया था। स्पेशल ट्रेन की व्यवस्था नहीं करने और केंद्रीय मंत्रालय के निर्देश पर उनकी तैनाती मप्र और आंध्रप्रदेश के विभिन्न जिलों में की गई थी। फोर्स के आदेश पर वह मध्यप्रदेश के बालाघाट, छिंदवाड़ा और जबलपुर में छोडऩे के लिए गए थे। इसके बाद उन्हें मुक्त किया गया था।
मुक्त किया जाएगा
अतिरिक्त परिवहन आयुक्त ओ.पी. पाल ने बताया कि विधानसभा चुनाव निपटने के बाद अधिगृहीत वाहनों को शीघ्र ही मुक्त किया जाएगा। वह फोर्स गंतव्य स्थान पर छोडऩे के बाद लौटेंगी।