
रायपुर . विधानसभा चुनाव में प्रत्याशियों के खर्च की जानकारी को लेकर कलक्टर व व्यय लेखा परीक्षक ने अलग-अलग बयान दिया है। कलेक्टर इसे गोपनीय जानकारी मानते हुए सार्वजनिक नहीं करने का दावा कर रहे हैं वहीं व्यय लेखा परीक्षक का कहना है कि एक रुपए लेकर कोई भी चुनावी खर्च की जानकारी ले सकता है।
जिले की 7 विधानसभाओं के प्रत्याशियों ने अपने चुनावी प्रचार-प्रसार में कितना खर्च किया है, यह जानकारी जनता को नहीं मिल पाएगी। क्योंकि इसे गोपनीय जानकारी की श्रेणी में रखा गया है। यह जानकर थोड़ा आश्चर्य होगा लेकिन यह कहना है जिला निर्वाचन अधिकारी व कलक्टर डॉ. बसवएस.राजु का। उधर अन्य जिलों के निर्वाचन अधिकारियों ने पहले ही यह जानकारी सार्वजनिक कर दी है।
बतादें कि इस संबंध में निर्वाचन की वेबसाइट पर चुनावी खर्च प्रकाशित करने के निर्देश हैं, लेकिन निर्वाचन अधिकारी द्वारा इसे गोपनीय खर्च बताया जा रहा है। व्ययलेखा प्रेक्षक प्रसुन काबरा ने कहना है कि कोई भी जिला निर्वाचन अधिकारी को 1 रुपए देकर कोई भी व्यक्ति प्रत्याशियों के आय व्यय का ब्योरा ले सकता है।
सीमा 28 लाख तय
2014 में भारत सरकार के निर्देश पर चुनाव आयोग ने लोकसभा, राज्यसभा और विधानसभा चुनावों के उम्मीदवारों के लिए चुनाव खर्च की सीमा को बढ़ाया था। विधानसभा चुनावों में बड़े राज्यों के लिए इस सीमा को 16 लाख से बढ़ाकर 28 लाख रुपये किया गया।
वाहनों पर ज्यादा खर्च
पिछले चुनाव में विधायकों से सबसे अधिक खर्च चुनाव प्रसार में इस्तेमाल किए गए वाहनों पर किया था। प्रिंट व इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों से चुनाव प्रसार पर महज पांच फीसदी धन खर्च किया गया था।
कलक्टर रायपुर डॉ. बसवएस राजु ने बताया कि यह गोपनीय जानकारी है सर्वजनिक नहीं की जा सकती।
व्यय लेखा प्रेक्षक प्रसुन काबरा ने बताया कि आय व्यय का पूर्ण विवरण जिला निर्वाचन अधिकारी को दिया जा चुका है। कोई भी आम व्यक्ति एक रुपए देकर पूरी जानकारी ले सकता है।