
Chhattisgarh DA Hike: छत्तीसगढ़ के शासकीय कर्मचारियों और पेंशनरों के महंगाई भत्ते को लेकर मंत्रालयीन कर्मचारी संघ ने राज्य सरकार के सामने मांग रखी है। संघ ने केंद्र सरकार के कर्मचारियों के समान 60 प्रतिशत महंगाई भत्ता देने की मांग की है। साथ ही बढ़े हुए महंगाई भत्ते का लाभ 1 जनवरी 2026 से देने और देय तिथि से एरियर का भुगतान करने की मांग की गई है। इस संबंध में छत्तीसगढ़ मंत्रालयीन कर्मचारी संघ के अध्यक्ष चन्द्रकांत पाण्डेय ने मुख्य सचिव, छत्तीसगढ़ शासन को ज्ञापन सौंपा है। संघ ने ज्ञापन के माध्यम से कर्मचारियों और पेंशनरों के हित में आवश्यक कार्रवाई करने का अनुरोध किया है।
कर्मचारी संघ ने अपने ज्ञापन में महंगाई भत्ते की मौजूदा दरों का हवाला दिया है। संघ के अनुसार भारत सरकार के व्यय विभाग ने केंद्रीय शासकीय कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में 1 जुलाई 2025 से बढ़ोतरी करते हुए इसे 58 प्रतिशत किया था। इसके बाद 1 जनवरी 2026 से इसमें 2 प्रतिशत की और वृद्धि की गई, जिससे केंद्रीय कर्मचारियों का महंगाई भत्ता 60 प्रतिशत हो गया। वहीं, छत्तीसगढ़ शासन के वित्त विभाग ने 1 जनवरी 2026 से राज्य के शासकीय सेवकों के लिए 58 प्रतिशत महंगाई भत्ता स्वीकृत किया है। ऐसे में केंद्रीय कर्मचारियों और छत्तीसगढ़ के कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में फिलहाल 2 प्रतिशत का अंतर है।
संघ का कहना है कि महंगाई भत्ता कर्मचारियों और पेंशनरों की क्रय शक्ति पर महंगाई के असर को संतुलित करने के लिए दिया जाता है। वर्तमान समय में रोजमर्रा की जरूरतों से जुड़ी वस्तुओं के साथ शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास और परिवहन जैसे खर्च भी बढ़े हैं। ऐसे में महंगाई भत्ते की दर में अंतर का असर कर्मचारियों और पेंशनरों की आर्थिक स्थिति पर पड़ रहा है।
मंत्रालयीन कर्मचारी संघ का कहना है कि राज्य के अधिकारी और कर्मचारी भी केंद्र सरकार के कर्मचारियों की तरह अपने दायित्वों का निर्वहन कर रहे हैं। वे राज्य की प्रशासनिक और विकास व्यवस्था को संचालित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसलिए महंगाई भत्ते की दर में समानता स्थापित करना कर्मचारियों और पेंशनरों के हित में होगा।
संघ ने मुख्य सचिव को सौंपे ज्ञापन में वर्तमान 58 प्रतिशत महंगाई भत्ते को बढ़ाकर 60 प्रतिशत करने की मांग की है। इसके साथ ही बढ़े हुए महंगाई भत्ते का लाभ 1 जनवरी 2026 से देय तिथि के आधार पर देने और इस अवधि का एरियर भी भुगतान करने की मांग रखी गई है। अब कर्मचारी संघ की नजर राज्य सरकार की ओर से होने वाली कार्रवाई पर है। संघ ने उम्मीद जताई है कि कर्मचारियों और पेंशनरों के हित को ध्यान में रखते हुए महंगाई भत्ते में समानता की मांग पर आवश्यक निर्णय लिया जाएगा।