रायपुर

योजनाओं के बावजूद क्यों पीछे रह गईं बेटियां? छत्तीसगढ़ के शिक्षा आंकड़ों और नीति आयोग की रिपोर्ट ने चौंकाया

Female Enrollment Rate: नीति आयोग की रिपोर्ट में छत्तीसगढ़ में बेटियों की शिक्षा को लेकर चिंता जताई गई है। कई स्तरों पर लड़कियों का नामांकन राष्ट्रीय औसत से कम पाया गया है।
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Jun 25, 2026
Chhattisgarh Education Report
Chhattisgarh Education Report: प्राइमरी स्तर पर भी गिरा नामांकन(photo-patrika)

Chhattisgarh Education Report @Rahul Jain: छत्तीसगढ़ में बेटियों की शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए सरकार की ओर से कई योजनाएं चलाई जा रही हैं, लेकिन नीति आयोग की मई 2026 में जारी रिपोर्ट ने राज्य में लड़कियों के नामांकन को लेकर चिंता बढ़ा दी है। रिपोर्ट के अनुसार अपर प्राइमरी और हायर सेकंडरी स्तर पर छत्तीसगढ़ में लड़कियों का सकल नामांकन अनुपात (GER) राष्ट्रीय औसत से काफी कम है। रिपोर्ट में बताया गया है कि शिक्षा के ऊंचे स्तर तक पहुंचते-पहुंचते बड़ी संख्या में लड़कियां पढ़ाई से दूर हो रही हैं।

NITI Aayog Report: प्राइमरी स्तर पर भी गिरा नामांकन

नीति आयोग की रिपोर्ट के अनुसार छत्तीसगढ़ में लड़कियों का प्राइमरी स्तर पर सकल नामांकन अनुपात वर्ष 2014-15 में 106.61 प्रतिशत था, जो वर्ष 2024-25 में घटकर 89.9 प्रतिशत रह गया। वहीं, देशभर में लड़कियों का प्राइमरी स्तर पर नामांकन अनुपात 107.38 प्रतिशत से घटकर 92.3 प्रतिशत दर्ज किया गया है।

हायर सेकंडरी में स्थिति ज्यादा चिंताजनक

रिपोर्ट में हायर सेकंडरी शिक्षा में लड़कियों की भागीदारी को लेकर भी चिंता जताई गई है। छत्तीसगढ़ उन राज्यों में शामिल है जहां लड़कियों के नामांकन की स्थिति संतोषजनक नहीं पाई गई है। छत्तीसगढ़ के अलावा उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, मिजोरम, मणिपुर, त्रिपुरा, ओडिशा और राजस्थान में भी हायर सेकंडरी स्तर पर सुधार की जरूरत बताई गई है।

कई राज्यों का प्रदर्शन बेहतर

रिपोर्ट के अनुसार चंडीगढ़, पुडुचेरी और गोवा में लड़कियों की शिक्षा में भागीदारी बेहतर रही है। वहीं तमिलनाडु, हिमाचल प्रदेश, दिल्ली और उत्तराखंड का प्रदर्शन भी कई राज्यों से अच्छा रहा। दूसरी ओर बिहार, नगालैंड और अरुणाचल प्रदेश में हायर सेकंडरी स्तर पर लड़कियों की भागीदारी सबसे कम दर्ज की गई।

हाईस्कूल स्तर पर भी गिरावट

हाईस्कूल स्तर पर भी कई राज्यों में लड़कियों के नामांकन में गिरावट दर्ज की गई है। रिपोर्ट के मुताबिक मध्य प्रदेश में 76.4 प्रतिशत, उत्तर प्रदेश में 83.9 प्रतिशत, राजस्थान में 89.7 प्रतिशत और छत्तीसगढ़ में 89.9 प्रतिशत नामांकन दर्ज हुआ। इनमें सबसे ज्यादा गिरावट मध्य प्रदेश में देखी गई है। वहीं लक्षद्वीप और सिक्किम में भी नामांकन में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है।

बेटियों की शिक्षा पर बढ़ी चुनौती

नीति आयोग के आंकड़े संकेत देते हैं कि सिर्फ योजनाएं चलाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि लड़कियों को स्कूल से लेकर उच्च शिक्षा तक बनाए रखना बड़ी चुनौती बनी हुई है। छत्तीसगढ़ में बेटियों की शिक्षा को लेकर अब नामांकन बढ़ाने और ड्रॉपआउट कम करने पर ज्यादा ध्यान देने की जरूरत है।

Published on:
25 Jun 2026 02:12 pm