
CG Government Employees: छत्तीसगढ़ सरकार ने पात्र शासकीय कर्मचारियों को बड़ी राहत देते हुए समयमान वेतनमान (Time Scale Pay) और पदोन्नति वेतनमान (Promotion Pay Scale) में से किसी एक योजना का चयन करने के लिए अतिरिक्त समय देने का फैसला किया है। सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) द्वारा जारी आदेश के अनुसार अब पात्र कर्मचारी 31 जुलाई 2026 तक अपना विकल्प प्रस्तुत कर सकेंगे। सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह समय सीमा केवल एक बार के लिए बढ़ाई गई है और इसके बाद किसी प्रकार का अतिरिक्त अवसर नहीं दिया जाएगा।
राज्य सरकार के अनुसार विभिन्न कर्मचारी संगठनों और अधिकारी संघों ने विकल्प चयन की अंतिम तिथि बढ़ाने की मांग की थी। कई कर्मचारियों ने समय पर आवश्यक प्रक्रिया पूरी नहीं कर पाने की जानकारी देते हुए सरकार से अतिरिक्त समय देने का अनुरोध किया था। इन मांगों और अभ्यावेदनों पर विचार करने के बाद सरकार ने अंतिम तिथि को 31 जुलाई 2026 तक बढ़ाने का निर्णय लिया।
यह सुविधा केवल उन शासकीय कर्मचारियों के लिए लागू होगी, जिनकी नियुक्ति 1 अप्रैल 2026 से पहले हुई है। आदेश के अनुसार शिक्षक संवर्ग के सहायक शिक्षक, सहायक पशु चिकित्सा क्षेत्र अधिकारी और विभिन्न निर्माण विभागों के उप अभियंता इस निर्णय के दायरे में आएंगे। इन कर्मचारियों को अपनी सेवा शर्तों के अनुरूप समयमान वेतनमान और पदोन्नति वेतनमान में से किसी एक विकल्प का चयन करना होगा।
इन कर्मचारियों को अपनी सेवा शर्तों और भविष्य के वेतन लाभ को ध्यान में रखते हुए समयमान वेतनमान अथवा पदोन्नति वेतनमान में से किसी एक विकल्प का चयन करना होगा।
गौरतलब है कि सामान्य प्रशासन विभाग ने 9 जून 2026 को जारी परिपत्र के माध्यम से कई विभागों में लागू पुरानी पदोन्नति वेतनमान व्यवस्था को वित्त विभाग की प्रचलित समयमान वेतनमान प्रणाली में समाहित करने का निर्णय लिया था। इसी आदेश के तहत पात्र कर्मचारियों को दोनों योजनाओं में से किसी एक का विकल्प चुनने का अवसर प्रदान किया गया था।
सरकार ने आदेश में स्पष्ट किया है कि 31 जुलाई 2026 के बाद विकल्प प्रस्तुत करने का कोई अवसर नहीं दिया जाएगा। साथ ही, एक बार विकल्प का चयन करने के बाद उसे बदलने की भी अनुमति नहीं होगी। 9 जून 2026 के परिपत्र में निर्धारित अन्य सभी नियम और शर्तें पूर्ववत लागू रहेंगी।
सामान्य प्रशासन विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि यह निर्णय केवल अधिसूचित और पात्र संवर्गों के कर्मचारियों के लिए ही प्रभावी होगा। अन्य विभागों या संवर्गों के शासकीय कर्मचारी इस आदेश के दायरे में शामिल नहीं होंगे। ऐसे कर्मचारियों के लिए पूर्व में लागू नियम ही प्रभावी रहेंगे।
सरकार के इस फैसले से उन कर्मचारियों को राहत मिलेगी जो समय पर अपना विकल्प प्रस्तुत नहीं कर पाए थे। अब उन्हें 31 जुलाई तक अंतिम अवसर मिलेगा, जिसके आधार पर वे अपनी सेवा और भविष्य के वेतनमान से जुड़ा महत्वपूर्ण निर्णय ले सकेंगे।