रायपुर

Chhattisgarh News: छत्तीसगढ़ में नाबार्ड ने जारी किया 1.45 लाख करोड़ का राज्य फोकस पेपर, जलवायु-अनुकूल विकास पर जोर

Raipur News: राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) के छत्तीसगढ़ क्षेत्रीय कार्यालय ने बुधवार को ऋण संगोष्ठी में राज्य फोकस पेपर (SFP) 2026-27 जारी किया।

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Mar 25, 2026
छत्तीसगढ़ में नाबार्ड का राज्य फोकस पेपर जारी (फोटो सोर्स- पत्रिका)

Chhattisgarh News: राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) के छत्तीसगढ़ क्षेत्रीय कार्यालय ने बुधवार को ऋण संगोष्ठी में राज्य फोकस पेपर (SFP) 2026-27 जारी किया। इस रिपोर्ट में राज्य के प्राथमिकता वाले क्षेत्रों के लिए ₹1.45 लाख करोड़ की ऋण क्षमता का अनुमान लगाया गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 23 प्रतिशत अधिक है। यह दस्तावेज बैंकों की वार्षिक ऋण योजना का आधार बनेगा।

कार्यक्रम में कृषि उत्पादन आयुक्त एवं प्रमुख सचिव (कृषि विकास और किसान कल्याण) शहला निगार ने फोकस पेपर का विमोचन किया। संगोष्ठी में राज्य सरकार, बैंकिंग क्षेत्र, भारतीय रिजर्व बैंक और अन्य संस्थानों के प्रतिनिधियों ने भाग लेकर जिला व क्षेत्रवार ऋण क्षमता और जमीनी स्तर पर ऋण प्रवाह बढ़ाने की रणनीतियों पर चर्चा की।

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राज्य फोकस पेपर: छोटे किसानों और ग्रामीण उद्यमियों के लिए स्पष्ट ऋण रोडमैप

शहला निगार ने नाबार्ड द्वारा जिला स्तर पर तैयार संभाव्यता युक्त ऋण योजनाओं (PLP) की सराहना करते हुए कहा कि राज्य फोकस पेपर बैंकों और विभागों के लिए एक स्पष्ट रोडमैप की तरह काम करे। उन्होंने छोटे एवं सीमांत किसानों, आदिवासी परिवारों, महिला स्व-सहायता समूहों और ग्रामीण उद्यमियों तक समय पर संस्थागत ऋण पहुंचाने के लिए समन्वित प्रयासों पर जोर दिया।

फोकस पेपर में राज्य की कृषि-प्रधान और आदिवासी बहुल अर्थव्यवस्था को ध्यान में रखते हुए कृषि एवं संबद्ध गतिविधियों, एमएसएमई, मत्स्य पालन, डेयरी, वानिकी, नवीकरणीय ऊर्जा, शिक्षा सहित विभिन्न क्षेत्रों की ऋण संभावनाओं का आकलन किया गया है। साथ ही जलवायु अनुकूल कृषि, जलसंभर आधारित विकास, किसान उत्पादक संगठनों (FPO), प्राथमिक कृषि साख समितियों (PACS) के सुदृढ़ीकरण व कंप्यूटरीकरण तथा ग्रामीण बुनियादी ढांचे के विकास पर विशेष जोर दिया गया है।

नाबार्ड की संकल्पित साझेदारी से ग्रामीण विकास और ऋण पहुँच को मजबूत बनाने का संदेश

नाबार्ड के मुख्य महाप्रबंधक (छत्तीसगढ़) डी. के. गवली ने कहा कि यह दस्तावेज व्यापक परामर्श और जिला-विशिष्ट क्षमताओं के आकलन का परिणाम है। उन्होंने पुनर्वित्त, RIDF के तहत आधारभूत ढांचा वित्तपोषण, वित्तीय समावेशन और विकासात्मक पहलों के माध्यम से राज्य को निरंतर सहयोग का भरोसा दिलाया।

संगोष्ठी का समापन इस संकल्प के साथ हुआ कि ऋण अवशोषण क्षमता बढ़ाने, ग्रामीण ढांचे को सुदृढ़ करने और राज्य में संतुलित व समावेशी विकास सुनिश्चित करने के लिए सभी हितधारक मिलकर काम करेंगे।

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Published on:
25 Mar 2026 07:31 pm
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