संविलियन, सातवें वेतनमान सहित 9 सूत्रीय मांग को लेकर शिक्षाकर्मी एकजुट होने के बाद 30 अक्टूबर को अपनी ताकत का एहसास दिलाएंगे।
रायपुर . प्रदेशभर के लगभग सभी शिक्षाकर्मी संगठनों के एकजुट होने के बाद शिक्षाकर्मी 30 अक्टूबर को अपनी ताकत का एहसास दिलाएंगे। संविलियन, सातवें वेतनमान सहित 9 सूत्रीय मांग को लेकर शिक्षाकर्मी प्रदेश के सभी 146 विकासखंडों में धरना देकर ज्ञापन सौंपेंगे। इसके बाद भी यदि सरकार उनकी मांग पूरी नहीं करती है, तो प्रदेशभर के शिक्षाकर्मी 20 नवम्बर से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे।
प्रदेशभर के शिक्षाकर्मी शिक्षक पंचायत नगर निगम मोर्चा के बैनर तले आंदोलन करेंगे। मोर्चा के संजय शर्मा, केदार जैन, वीरेन्द्र दुबे, विकास राजपूत व चंद्रदेव राय ने शिक्षाकर्मियों से अपील की है कि 30 अक्टूबर को सामूहिक अवकाश लेकर 20 नवम्बर से अनिश्चितकालीन हड़ताल के लिए शासन को संदेश देंवे। शिक्षाकर्मियों का हमेशा से आरोप रहा है कि सरकार भेदभाव की नीति से काम कर रही है।
यही वजह है कि शिक्षाकर्मी लंबे समय से समान काम समान वेतनमान की मांग कर रहे हैं। अलग-अलग गुटों में बंटे होने के कारण अब तक सरकार हर बार उनकी प्रमुख मांग को टालती रही है। इस बार चुनावी साल होने की वजह से शिक्षाकर्मियों का एकजुट होना काफी महत्वपूर्ण होगा। माना जा रहा है कि सरकार शिक्षाकर्मियों के संविलियन के लिए भर्ती परीक्षा के माध्यम से रास्ता निकाल सकती है।
बतादें कि समान काम और समान वेतन सहित शिक्षा विभाग में संविलियन की मांग को लेकर शिक्षाकर्मियों ने बीते ५ सितंबर को शिक्षक दिवस नहीं मनाया था। छत्तीसगढ़ पंचायत और नगरीय निकाय संघ ने बीते 5 सितंबर को शिक्षक दिवस नहीं बल्कि क्रांति दिवस के रूप में मनाया था।मांगों को लेकर शिक्षाकर्मियों ने छत्तीसगढ़ के सभी जिलों में तो धरना दिया ही। इसके अलावा शिक्षा विभाग के मूल पदों में संविलियन करने की मांग को लेकर नवीन शिक्षाकर्मी संघ के बैनर तले शिक्षाकर्मियों ने दिल्ली में भी धरना दिया था।