रायपुर

कलेक्टोरेट में आखिर क्यों एक कमरे में बैठ रहे अपर कलेक्टर और एडीएम? जानिए पूरा मामला

Raipur Collectorate: रायपुर कलेक्टोरेट की पुरानी तीन मंजिला बिल्डिंग में 1.60 करोड़ रुपए की लागत से रेनोवेशन का काम जारी है। इसके चलते अधिकारियों और कर्मचारियों को बैठने के लिए पर्याप्त जगह नहीं मिल पा रही है।
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Updated: 27 Oct 2026, 8:15 AM IST
Collectorate Old Building
कलेक्टोरेट के पुराने भवन का रेनोवेशन (फोटो सोर्स- पत्रिका)

रायपुर@हिमांशु शर्मा। Collectorate Renovation: कलेक्टोरेट की पुरानी तीन मंजिला बिल्डिंग में इन दिनों रेनोवेशन का काम जारी है। भवन के नवीनीकरण के चलते अधिकारियों और कर्मचारियों को बैठने के लिए पर्याप्त जगह नहीं मिल पा रही है। स्थिति यह है कि अपर कलेक्टर और एडीएम को एक ही कार्यालय से अपने-अपने विभागों का कामकाज संचालित करना पड़ रहा है। वहीं, आबकारी विभाग के अधिकारियों को भी एक ही कमरे में शिफ्ट किया गया है। सीमित जगह के कारण अधिकारियों को बैठने के साथ ही जरूरी दस्तावेज और अन्य सामान रखने में भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

एक कमरे में सिमटा कामकाज

पुरानी बिल्डिंग में रेनोवेशन का कार्य होने से कार्यालयीन व्यवस्थाएं प्रभावित हो रही हैं। अधिकारियों के बैठने की व्यवस्था सीमित होने के कारण एक ही कमरे में कई जिम्मेदारियां निभाई जा रही हैं। अपर कलेक्टर और एडीएम के एक ही कार्यालय से काम करने के चलते विभागीय कामकाज के लिए उपलब्ध जगह भी कम पड़ रही है। इसी तरह आबकारी विभाग के सहायक अधिकारी समेत अन्य कर्मचारी को छोटे से कमरे शिफ्ट कर दिया गया गया है।

1.60 करोड़ रुपए से हो रहा रेनोवेशन

कलेक्टोरेट की पुरानी बिल्डिंग के नवीनीकरण पर करीब 1.60 करोड़ रुपए खर्च किए जा रहे हैं। पीडब्लूडी की ओर से रेनोवेशन के तहत भवन की खिड़कियों और दरवाजों सहित अन्य हिस्सों में बदलाव किए जा रहे हैं। बहुत से कमरों में खिड़की नहीं थी, वहां दीवार तोड़कर खिड़की बनाई जा रही है। साथ ही शौचालय, व्यवस्थित रूम, पुराने भवन को बेहतर बनाने के लिए काम चल रहा है, लेकिन निर्माण कार्य पूरा होने तक अधिकारियों और कर्मचारियों को जगह की कमी से जूझना पड़ रहा है।

दफ्तर बदलने से भटक रहे लोग

इस बिल्डिंग में वर्तमान में एडीएम से लेकर अपर कलेक्टर, डिप्टी कलेक्टर, संयुक्त कलेक्टर समेत अलग-अलग एक दर्जन से अधिक विभाग के अधिकारी-कर्मचारी बैठते हैं। अधिकारियों के जगह बदलने से लोगों को भटकना पड़ रहा है। पहले लोग अपने जमीन से कार्य, आबकारी, समेत अन्य कार्य के लिए सीधे अधिकारी के पास मिलने पहुंच जाते थे। लेकिन जगह बदलाव होने से उन्हें पूछ-पूछकर जाना पड़ रहा है। क्योंकि मार्गदर्शिका नहीं लगी है।

Updated on:
27 Oct 2026, 8:15 AM IST
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