
रेलवे स्टेशन पर मिलेगा ‘डिजिटल कुली’ (फोटो सोर्स- AI)
रायपुर@हिमांशु शर्मा। Digital Porter: रेलवे स्टेशन पर अब लिफ्ट, एस्केलेटर, वॉशरूम, प्रतीक्षालय, प्लेटफॉर्म या फिर स्टॉल खोजने के लिए यात्रियों को इधर-उधर भटकना नहीं पड़ेगा। रायपुर रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की सुविधा के लिए एआई आधारित डिजिटल पैसेंजर नेविगेशन एवं वे-फाइंडिंग प्रणाली ‘मार्गदर्शक’ शुरू कर चुका है। इसके तहत स्टेशन परिसर में विभिन्न स्थानों पर लगाए क्यूआर कोड को मोबाइल से स्कैन करते ही यात्री डिजिटल मैप के जरिए अपने गंतव्य तक पहुंचने का रास्ता जान सकेंगे।
इस सुविधा से खासकर पहली बार रायपुर आने वाले यात्रियों, बुजुर्गों और दिव्यांगजनों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। रेलवे अधिकारियों ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य स्टेशन परिसर में उपलब्ध यात्री सुविधाओं की जानकारी आसानी से उपलब्ध कराना है।
शुरुआती चरण में रेलवे ने इसका पोस्टर वीआईपी गेट और आरक्षण केंद्र के पास बने नए एंट्री गेट पर इसका पोस्टर लगाया है। जिससे यात्री स्टेशन में एंट्री करते साथ इसका इस्तेमाल कर सके। आने वाले समय में यात्रियों के जरूरत के अनुसार अलग-अलग प्लेटफॉर्म, पार्किंग समेत जरूरत की जगह पर लगाया जाएगा।
रायपुर रेलवे स्टेशन का विस्तृत परिसर, कई प्लेटफॉर्म और अलग-अलग प्रवेश एवं निकास द्वार होने के कारण कई बार यात्रियों को सही रास्ता खोजने में परेशानी होती है। ट्रेन छूटने की जल्दबाजी में यह परेशानी और बढ़ जाती है। ऐसे में ‘मार्गदर्शक’ यात्रियों के लिए डिजिटल सहायक की भूमिका निभाएगा। क्यूआर कोड स्कैन करने के बाद यात्री स्टेशन का डिजिटल मैप देखकर अपनी जरूरत के मुताबिक स्थान चुन सकेंगे।
यह सुविधा उन यात्रियों के लिए विशेष रूप से उपयोगी है, जो पहली बार रायपुर स्टेशन पहुंचते हैं या जिन्हें स्टेशन की बनावट की जानकारी नहीं है। बुजुर्गों, दिव्यांगजनों और बच्चों के साथ सफर करने वाले यात्रियों को भी अपनी जरूरत की सुविधा तक पहुंचने में सहूलियत मिल सकती है।
रेलवे की इस पहल के जरिए आधुनिक तकनीक को यात्री सेवाओं से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। भविष्य में डिजिटल मैपिंग के साथ वास्तविक समय की जानकारी और अन्य स्मार्ट यात्री सेवाओं को भी जोड़ने की संभावनाएं हैं। ‘मार्गदर्शक’ का उद्देश्य सिर्फ स्थान बताना नहीं, बल्कि यात्रियों को यह समझने में मदद करना है कि उन्हें कहां जाना है और वहां तक कैसे पहुंचना है।
इस तरह स्कैन कर समझ सकते हैं मैप
दयानंद, डीआरएम, रायपुर के मुताबिक, यात्रियों को अधिक से अधिक बेहतर सुविधा मिल सके, इसलिए इस तरह के प्रयोग किए जा रहे हैं। इससे यात्रियों को रेलवे कर्मचारी पर डिपेंड नहीं होना पड़ेगा, वे आसानी से स्कैन कर मंजिल तक पहुंच सकेंगे। रेलवे लगातार डिजिटल इंडिया की ओर कदम बढ़ा रहा है।
Updated on:
18 Oct 2026 08:23 am
Published on:
18 Oct 2026 08:20 am
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