रायपुर

Police Commissionerate: रायपुर के बाद दो जिलों में भी लागू होगा कमिश्नर प्रणाली, गृह मंत्री ने दी जानकारी कहा सीएम से करेंगे आग्रह

Commissionerate: कानून-व्यवस्था से जुड़े मामलों में तेजी से निर्णय लिए जा सकेंगे। बड़े शहरों में बढ़ते अपराध और शहरी चुनौतियों को देखते हुए यह व्यवस्था काफी अहम मानी जा रही है।

2 min read
May 21, 2026
Police Commissionerate
गृह मंत्री विजय शर्मा (Photo Patrika)

Police Commissionerate: राजधानी के बाद अब दुर्ग और बिलासपुर में भी पुलिस कमिश्नरेट प्रणाली लागू करने की तैयारी शुरू हो गई है। राज्य सरकार इस दिशा में गंभीरता से विचार कर रही है। बुधवार को पत्रकारों से चर्चा करते हुए उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि वे इस संबंध में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आग्रह करेंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश में लंबे समय से पुलिस कमिश्नर प्रणाली की आवश्यकता महसूस की जा रही थी। अलग-अलग विभागों की प्रक्रिया के कारण कई छोटे और जरूरी मामलों में निर्णय लंबित हो जाते थे। रायपुर में कमिश्नरेट सिस्टम लागू होने के बाद पुलिसिंग में तेजी और समन्वय देखने को मिला है। ऐसे में आवश्यकता के अनुसार इसका विस्तार अन्य बड़े शहरों में भी किया जाना चाहिए।

Police Commissionerate: रायपुर मॉडल की सराहना

उपमुख्यमंत्री शर्मा ने रायपुर पुलिस की कार्यशैली और त्वरित कार्रवाई की सराहना करते हुए हाल ही में हुए धरमलाल कौशिक मोबाइल लूट मामले का उदाहरण दिया। उन्होंने बताया कि पुलिस ने घटना के महज पांच घंटे के भीतर मोबाइल बरामद कर लिया। उनके अनुसार यह कमिश्नरेट प्रणाली के तहत बेहतर समन्वय और तेज निर्णय प्रक्रिया का परिणाम है। सरकार चाहती है कि इसी तरह की व्यवस्था दुर्ग और बिलासपुर जैसे बड़े शहरों में भी लागू हो, ताकि कानून-व्यवस्था और अधिक प्रभावी बनाई जा सके।

कानून-व्यवस्था को मिलेगा नया ढांचा

सरकार का मानना है कि कमिश्नरेट सिस्टम लागू होने से पुलिसिंग अधिक आधुनिक और जवाबदेह बनेगी। इससे अपराध नियंत्रण, ट्रैफिक प्रबंधन और कानून-व्यवस्था से जुड़े मामलों में तेजी से निर्णय लिए जा सकेंगे। बड़े शहरों में बढ़ते अपराध और शहरी चुनौतियों को देखते हुए यह व्यवस्था काफी अहम मानी जा रही है। उपमुख्यमंत्री ने संकेत दिए कि रायपुर मॉडल के सफल क्रियान्वयन के बाद अब दुर्ग और बिलासपुर में इसे लागू करने की प्रक्रिया जल्द शुरू हो सकती है।

बिलासपुर में बढ़ते अपराध बने चिंता का कारण

बिलासपुर में लगातार बढ़ते संगठित अपराध, चाकूबाजी, अवैध शराब तस्करी और नशे के नेटवर्क ने पुलिस प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। पुलिस के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2024 में संगठित अपराध के 19 मामले दर्ज हुए थे, जो 2025 में बढ़कर 48 तक पहुंच गए। दो वर्षों में कुल 67 गैंग और संगठित अपराधियों पर कार्रवाई की गई है। कई हत्या और हत्या के प्रयास के मामलों में गिरोह सक्रिय पाए गए हैं। अवैध शराब तस्करी के मामलों में भी लगातार वृद्धि दर्ज की गई है। वर्ष 2024 में 4,218 मामले दर्ज हुए थे, जबकि 2025 में यह आंकड़ा बढ़कर 4,275 हो गया। जब्त शराब की मात्रा 12,125 लीटर से बढ़कर 21,780 लीटर तक पहुंच गई।

चाकूबाजी और हिंसक घटनाओं में इजाफा

बिलासपुर में चाकूबाजी की घटनाएं भी तेजी से बढ़ रही हैं। आर्म्स एक्ट के तहत वर्ष 2024 में 216 मामले दर्ज हुए थे, जो 2025 में बढ़कर 323 हो गए। चाकू जब्ती का आंकड़ा भी दोगुना होकर 113 से 226 तक पहुंच गया। पुलिस ने 2024 में जहां 5 रिवॉल्वर जब्त किए थे, वहीं 2025 में 9 रिवॉल्वर बरामद किए गए। अन्य घातक हथियारों की जब्ती भी 56 से बढ़कर 67 तक पहुंच गई है। इसके अलावा मामूली विवादों में हिंसक घटनाओं और बलवा के मामलों में भी लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही है। वर्ष 2023 में बलवा के 52 मामले दर्ज हुए थे, जो 2024 में बढ़कर 63 और 2025 में 68 तक पहुंच गए। बढ़ते अपराधों के बीच अब बिलासपुर और दुर्ग में कमिश्नरेट सिस्टम लागू करने की मांग और तेज हो गई है।

Updated on:
21 May 2026 08:13 am
Published on:
21 May 2026 08:08 am