
Congress CM Face: कांग्रेस में मुख्यमंत्री पद के लिए फिर चार चेहरों के नाम चर्चा में आने को लेकर छत्तीसगढ़ की सियासत में बयानबाजी तेज हो गई है। भाजपा के वरिष्ठ विधायक अजय चंद्राकर ने कांग्रेस में सीएम पद के संभावित चेहरों को लेकर तंज कसा है। उन्होंने कहा कि सपना देखने में कोई बुराई नहीं है। साथ ही उन्होंने कांग्रेस के पिछले कार्यकाल का जिक्र करते हुए दावा किया कि जनता कांग्रेस को दोबारा मौका नहीं देगी।
मीडिया से चर्चा के दौरान अजय चंद्राकर ने कांग्रेस में मुख्यमंत्री पद के लिए चार चेहरों की चर्चा पर कटाक्ष करते हुए कहा, “सूत न कपास, जुलाहे से लट्ठम-लट्ठ। आखिर सपना देखने में क्या बुराई है।” उन्होंने कांग्रेस के पिछले पांच साल के कार्यकाल का जिक्र करते हुए कहा कि जिस तरह से सरकार चलाई गई, उसके बाद छत्तीसगढ़ की जनता कांग्रेस को दोबारा सत्ता में नहीं लाएगी। भाजपा विधायक ने कहा कि कांग्रेस के पिछले कार्यकाल की एक अलग तरह की मिसाल बनी है और वह लोगों के जेहन में है। उन्होंने कांग्रेस के कई नेताओं पर निशाना साधते हुए उन्हें “जले हुए कारतूस” बताया।
धमतरी समेत प्रदेश के कुछ क्षेत्रों में प्रार्थना सभा में शामिल होने के लिए आवेदन मिलने के दावों पर भी अजय चंद्राकर ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि मिशनरियां कानून के शिकंजे से बचने के लिए नए तरीके अपना रही हैं। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि अगर किसी व्यक्ति को प्रार्थना सभा में शामिल होना है तो क्या उसके लिए आवेदन देना जरूरी होगा। चंद्राकर ने कहा कि वह चर्च, मंदिर या मजार में जाते हैं तो क्या इसके लिए भी आवेदन देना पड़ेगा। उन्होंने इस तरह की व्यवस्था को हास्यास्पद बताया।
कांग्रेस में अमित जोगी की एंट्री को लेकर चल रही चर्चाओं पर भी अजय चंद्राकर ने अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि अगर अमित जोगी को कांग्रेस में शामिल किया जाता है तो इससे पार्टी के कई नेताओं की “दुकान बंद” हो सकती है। चंद्राकर के मुताबिक, इसी डर की वजह से कांग्रेस में उन्हें शामिल करने को लेकर असमंजस हो सकता है।
अजय चंद्राकर के कांग्रेस नेताओं को “जले हुए कारतूस” बताए जाने पर कांग्रेस संचार प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि चंद्राकर का बयान उनकी अपनी व्यथा को दर्शाता है। शुक्ला ने कहा कि उनकी ही पार्टी ने अजय चंद्राकर को “जला हुआ कारतूस” बना दिया है। भाजपा के पोस्टर और सोशल मीडिया को लेकर भी शुक्ला ने निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेताओं पर तंज कसना भाजपा की आदत बन चुकी है, लेकिन इससे कांग्रेस को कोई फर्क नहीं पड़ता। उनके मुताबिक, इस तरह के बयान भाजपा की हताशा को दिखाते हैं।
सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि भाजपा के पास अपनी सरकार की उपलब्धियां बताने के लिए बहुत कुछ नहीं है। उन्होंने दावा किया कि सोशल मीडिया पर भी भाजपा की ऐसी पोस्ट नजर नहीं आतीं, जिनमें सरकार की उपलब्धियों को प्रमुखता से सामने रखा गया हो। इस तरह मुख्यमंत्री पद के संभावित चेहरों की चर्चा से शुरू हुआ विवाद अब कांग्रेस और भाजपा के नेताओं के बीच बयानबाजी तक पहुंच गया है। एक तरफ अजय चंद्राकर ने कांग्रेस के नेतृत्व और पिछले कार्यकाल को लेकर सवाल उठाए, वहीं कांग्रेस ने उनके बयान पर पलटवार करते हुए भाजपा सरकार के कामकाज पर ही सवाल खड़े किए हैं।